भैया... मेडिकल कैंप किधर है? पुलिस चौकी कितनी दूर है? शिविर तक जाने का रास्ता कौन-सा है? हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे सवाल हजारों बार सुनाई देते हैं. लाखों श्रद्धालु अनजान रास्तों से गुजरते हैं और कई बार जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लोगों से पूछताछ करनी पड़ती है. लेकिन इस बार सहारनपुर में तस्वीर कुछ अलग है.
कांवड़ यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए सहारनपुर प्रशासन ने डिजिटल मैप और QR कोड वाला सिस्टम शुरू किया है. अब कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह बड़े डिजिटल रोड मैप लगाए गए हैं. इन मैप्स पर मौजूद QR कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही श्रद्धालुओं के सामने पूरी यात्रा की जानकारी खुल जाएगी.
यानी अब यह जानने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी कि सबसे नजदीकी कांवड़ शिविर, मेडिकल कैंप, शौचालय या पुलिस चौकी कहां है. एक क्लिक में पूरी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर होगी. प्रशासन का कहना है कि हर साल लाखों श्रद्धालु सहारनपुर से होकर गुजरते हैं. इतनी बड़ी संख्या में आने वाले कांवड़ियों को व्यवस्थित तरीके से यात्रा कराने के लिए इस बार पारंपरिक इंतजामों के साथ तकनीक का भी सहारा लिया गया है.
कांवड़ मार्ग पर लगाए गए बड़े डिजिटल मैप श्रद्धालुओं को सही दिशा दिखाने का काम करेंगे. वहीं QR कोड स्कैन करने पर उन्हें आसपास उपलब्ध सुविधाओं की लोकेशन भी आसानी से मिल जाएगी. इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि आपात स्थिति में मदद भी जल्दी मिल सकेगी.
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ प्रबंधन भी आसान होगा. जब श्रद्धालुओं को पहले से यह जानकारी होगी कि कौन-सी सुविधा कहां उपलब्ध है, तो अनावश्यक भीड़ और भ्रम की स्थिति भी कम होगी.
पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि कांवड़ यात्रा सिर्फ आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन और आधुनिक तकनीक का भी उदाहरण बने. इसी सोच के तहत इस बार डिजिटल मैप और QR कोड जैसी सुविधाओं को कांवड़ मार्ग का हिस्सा बनाया गया है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में दूसरे जिलों और राज्यों की कांवड़ यात्राओं में भी इस तरह की डिजिटल व्यवस्था देखने को मिल सकती है.
राहुल कुमार