सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाले इंटरस्टेट गैंग के खुलासे के बाद अब पुलिस ने नकली सिक्के तैयार करने का तरीका भी बताया है. कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने 13 सितंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इनके कब्जे से 20 रुपये के 6400 नकली सिक्के, छह मशीनें, डाई समेत पूरा सेटअप बरामद किया था. पुलिस के मुताबिक गैंग सहारनपुर में अपना नया बेस बनाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया.
एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि आरोपी लोहे और जस्ता की प्लेट की कटिंग कर सिक्के का बेस तैयार करते थे, कटिंग के बाद सिक्के के अंदर का छोटा हिस्सा तैयार होता था. जिस पर पीतल की कोटिंग यानी लेप किया जाता था. इसके बाद डाई और मशीनों की मदद से सिक्के पर डिजाइन और निशान तैयार किए जाते थे. पुलिस ने मौके से पांच लोहे की डाई, 39 बिना मोहर की डाई, 20 मोहर लगी डाई, डाई पॉलिश करने की मशीन, घिसाई के पत्थर और सिक्के तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला पूरा सामान बरामद किया है.
हर दिन तैयार करते थे 12 हजार नकली सिक्के
पुलिस के मुताबिक आरोपी रोजाना करीब 12 हजार नकली सिक्के तैयार करते थे और इन्हें शराब के ठेकों, टोल टैक्स और छोटे व्यापारियों के जरिए बाजार में खपाया जाता था. गैंग का सरगना मोहाली पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह बताया गया है, जो वर्ष 2001 से इस धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है.
पूछताछ में आरोपियों ने 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में चलाने की बात कही, जबकि पुलिस की शुरुआती गणना में यह आंकड़ा करीब 10 से 11 करोड़ रुपये सामने आया है. एसएसपी ने साफ किया कि वास्तविक रकम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी. पुलिस अब गैंग के बाकी सदस्यों, पुराने नेटवर्क और अन्य राज्यों में फैले संपर्कों की जांच कर रही है.
राहुल कुमार