कोई नहीं लड़ेगा केस, चंपत राय को अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम... राम मंदिर मामले में फैजाबाद बार का ऐलान

अयोध्या के फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला किया है. एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि जो वकील आरोपियों की पैरवी करेगा, उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. बैठक में मंदिर प्रबंधन से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से तीन दिन में अयोध्या छोड़ने की मांग भी की गई.

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चंपत राय को वकीलों ने दिया अल्टीमेटम. (Photo: ITG) चंपत राय को वकीलों ने दिया अल्टीमेटम. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • अयोध्या,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

फैजाबाद बार एसोसिएशन, अयोध्या ने सोमवार को यह तय किया कि उसका कोई भी सदस्य राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा. साथ ही चेतावनी दी कि जो वकील इस फैसले का उल्लंघन करेगा, उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम
एक एजेंसी के मुताबिक बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने मांग की कि मंदिर के मैनेजमेंट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव (जिनका नाम FIR में आरोपियों के तौर पर नहीं है) को अयोध्या "छोड़ देना चाहिए". वकीलों ने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों तीन दिन के अंदर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर को ब्लॉक कर दिया जाएगा और किसी को भी अंदर आने नहीं दिया जाएगा.

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बार ने 2005 में भी ऐसा ही फैसला लिया था, जब तत्कालीन अस्थायी राम मंदिर पर आतंकवादी हमले के बाद वकीलों ने आरोपियों का बचाव न करने का निर्णय लिया था. यह फैसला एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में लिया गया. इससे पहले रविवार को वकीलों ने संकेत दिया था कि वे आरोपियों का बचाव नहीं करेंगे, क्योंकि मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से उनकी भावनाएं आहत हुई थीं.

इन आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी से हम सभी की भावनाएं आहत हुई हैं. फैजाबाद के वकील गिरफ्तार आरोपियों की ओर से केस न लड़ने पर सहमत हुए हैं. बार एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार आरोपियों की ओर से पेश होने वाले किसी भी वकील को 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा.

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आठ आरोपी - अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ ​​टिन्नू यादव - राम मंदिर में दान के तौर पर मिले कैश और कीमती सामान की गिनती करने के काम से जुड़े थे. उन्हें कथित हेराफेरी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
 

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