Uttar Pradesh News: मेरठ के एक थाने में तैनात महिला सिपाही ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में तैनात हेडकांस्टेबल चंद्रकांत के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास की तहरीर दी है. शामली निवासी आरोपी चंद्रकांत और महिला सिपाही की मुलाकात नोएडा में तैनाती के दौरान हुई थी, जहां उनके बीच पैसों का लेनदेन भी था. पीड़िता का आरोप है कि 21 मार्च को आरोपी मेरठ आया और उसे जबरन साथ ले जाने की कोशिश की, विरोध करने पर उसका मोबाइल तोड़ दिया और एरा गेट के पास कार में खींचकर दुष्कर्म का प्रयास किया. महिला सिपाही ने अपने सिपाही पति के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सीओ कैंट नवीना शुक्ला को जांच सौंपी गई है.
मोबाइल छीनने और दबाव बनाने का आरोप
महिला सिपाही का दावा है कि आरोपी नोएडा से ड्यूटी छोड़कर मेरठ आता था और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था. शिकायत के मुताबिक, 21 मार्च की घटना के बाद आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे वापस करने के बहाने कंकरखेड़ा बुलाया, जहां वारदात की कोशिश की गई. शोर मचाने पर आरोपी उसकी स्कूटी की चाबी लेकर फरार हो गया. पीड़िता ने बताया कि उसने पहले भी थाना प्रभारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं.
सीसीटीवी और ट्रांजैक्शन ने बदला मामला
मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि रेलवे रोड पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन शुरुआती जांच में कुछ अलग तथ्य सामने आए हैं. पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें महिला सिपाही आरोपी के साथ बैठकर जाती दिख रही है, जिससे अपहरण की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं. इसके अलावा, घटना वाले दिन यानी 21 तारीख को महिला के खाते से आरोपी के खाते में 40 से 50 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन भी पाया गया है. पुलिस अब पैसों के पुराने विवाद और इन सबूतों के आधार पर गहराई से जांच कर रही है.
पुलिस की कार्रवाई
अधिकारियों ने आरोपी हेडकांस्टेबल चंद्रकांत को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है. एसपी सिटी का कहना है कि दोनों के बीच पहले से ही पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों और बयानों का मिलान कर रही है ताकि सच सामने आ सके. फिलहाल महिला सिपाही और उसके पति के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
उस्मान चौधरी