गोरखपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे परवेज परवाज (72 वर्ष) की मौत हो गई. झाड़फूंक के बहाने गैंगरेप के केस में उसे और उसके परिचित मौलवी जुम्मन को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. परवेज पिछले 8 साल से जेल में बंद था. परवेज उस वक्त चर्चा में आया था जब 2007 के दंगे में उसने तत्कालीन सांसद व वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का मुकदमा दर्ज कराया था.
2007 में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दंगा भड़काने के केस में सबूत के तौर पर पेश की गई सीडी की जांच में छेड़छाड़ पाई गई थी. सीडी को लेकर परवेज परवाज पर भी केस दर्ज हुआ था. दंगों के दौरान परवाज पर एनएसए के तहत एक्शन हुआ था. परवेज के संबंध में जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि काफी दिनों से बंदी बीमार चल रहा था. उसकी 10 अक्टूबर देर रात तबीयत बिगड़ गई थी. जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई. उसे शुगर और ब्लड प्रेशर समेत कई बीमारियां थीं. कुछ दिन पहले जेल प्रशासन की ओर से उसकी आंखों का ऑपरेशन भी कराया गया था. देर रात 2 बजे इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई.
परवेज परवाज राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर का निवासी था. जून 2018 में एक महिला ने उसके और महमूद उर्फ जुम्मन बाबा के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था. महिला का आरोप था कि झाड़-फूंक के बहाने बुलाकर दोनों ने रिवाल्वर के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. कोर्ट ने जुर्माने की रकम में से 40 हजार रुपए पीड़िता को पुनर्वास के लिए देने का आदेश दिया था. जुर्माना नहीं जमा करने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी थी.
महिला का अपने पति से मनमुटाव चल रहा था. वह पति को अपने वश में करने के लिए मगहर मस्जिद में झाड़-फूंक कराने जाती थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात जुम्मन बाबा से हुई थी. महिला का आरोप था कि तीन जून 2018 को जुम्मन ने उसे पांडेयहाता स्थित एक दुकान के पास यह कहकर बुलाया कि मस्जिद में उसके लिए दुआ की जाएगी. वहां परवेज परवाज भी मौजूद था. आरोप था कि दोनों उसे रिवाल्वर सटाकर सुनसान स्थान पर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया. मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. परवेज के साथी जुम्मन की भी सजा के दौरान पहले ही मौत हो चुकी है.
गजेंद्र त्रिपाठी