नोएडा हिंसा: FIR में RJD की प्रियंका भारती और कंचना यादव का भी नाम, फेक वीडियो फैलाने का आरोप

नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो के जरिए अफवाह और डर फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. मध्य प्रदेश की पुरानी घटना को नोएडा का बताकर भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में प्रियंका भारती और जितेंद्र कुमार दौसा समेत कई हैंडल पर केस दर्ज हुआ है.

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नोएडा हिंसा केस में पुलिस का एक्शन तेज (Photo- Screengrab) नोएडा हिंसा केस में पुलिस का एक्शन तेज (Photo- Screengrab)

अरविंद ओझा

  • नोएडा ,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:59 AM IST

नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने 14 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में जितेंद्र कुमार दौसा और प्रियंका भारती समेत कई यूजर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपियों ने 11 अप्रैल 2026 के मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक पुराने वीडियो को नोएडा का बताकर साझा किया, जिसमें पुलिस को एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाया गया था. इसके अतिरिक्त एक्स (ट्विटर) पर सेक्टर-62 में आगजनी का झूठा वीडियो फैलाया गया. इस सुनियोजित साजिश का मकसद नोएडा के नागरिकों में प्रशासन के प्रति अविश्वास और भय पैदा करना था.

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एमपी का वीडियो और नोएडा का नाम

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि फेसबुक पर जितेंद्र कुमार दौसा ने जो वीडियो पोस्ट किया, वह असल में मध्य प्रदेश के शहडोल का था, जहां एक शराबी हंगामा कर रहा था. आरोपियों ने इसे नोएडा का मजदूर बताकर भ्रामक कैप्शन लिखा ताकि लोगों को उकसाया जा सके. इसी तरह 'ItsKtyni' नाम के एक्स हैंडल से नोएडा के सेक्टर-62 में आगजनी का दावा किया गया, जो पूरी तरह फर्जी पाया गया. इन भ्रामक पोस्ट्स के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में तनाव और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया.

नोएडा पुलिस ने फर्जी वीडियो के जरिए फेक न्यूज फैलाने पर जो FIR दर्ज की है उसमें प्रियंका भारती और कंचना यादव के सोशल मीडिया हैंडल्स का जिक्र है, जो जांच में RJD से जुड़ी पाई गई हैं. पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. 

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मदरसन कंपनी के विवाद का फायदा उठाने की कोशिश

यह अफवाहें उस वक्त फैलाई गईं जब नोएडा के सेक्टर-1 और सेक्टर-6 स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने संदीप पेपर मिल रोड अवरुद्ध कर चिल्ला बॉर्डर पर जाम लगा दिया था. भीड़ ने उग्र होकर कंपनी के गेट, सीसीटीवी कैमरे और सरकारी बैरियर तोड़ दिए. प्रदर्शनकारियों के पथराव में उप-निरीक्षक योगेंद्र सिंह घायल हो गए. साजिशकर्ताओं ने इसी विरोध प्रदर्शन की आड़ में बाहरी राज्यों के हिंसात्मक वीडियो शेयर कर शहर में दंगे जैसी स्थिति बनाने की कोशिश की.

पुलिस का कड़ा एक्शन और FIR

नोएडा पुलिस ने इस मामले में 12 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का एक सुनियोजित नैरेटिव था. प्रियंका भारती, डॉ. कंचना यादव और जितेंद्र कुमार दौसा जैसे नामजद आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग कर आतंक और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया है. पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस भ्रामक नैरेटिव को तैयार करने और लोगों को भड़काने के पीछे शामिल हैं.

जनता से शांति की अपील

अफवाहों के कारण रेहड़ी-पटरी वालों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई थी, जिसे पुलिस ने समय रहते संभाला. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें. नोएडा पुलिस उन सभी हैंडल्स की निगरानी कर रही है जो लगातार भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर रहे हैं. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक शांति को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई जारी रहेगी.

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