उम्र सिर्फ 17 साल, सोच इतनी बड़ी! नोएडा में 12वीं की छात्रा का अनोखा मॉडल, महिलाओं की घर बैठे ₹25 हजार तक कमाई

Noida Success Story: नोएडा की 17 वर्षीय छात्रा राहिणी बंसल की पहल 'सूत्रधार' ने 250+ महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर! कपड़ों की कतरन से सामान बनाकर महिलाएं कमा रही हैं 25000 रुपये महीना...

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राहिणी बंसल की पहल 'सूत्रधार' से महिलाएं घर बैठे कर रहीं कमाई.(Photo:ITG) राहिणी बंसल की पहल 'सूत्रधार' से महिलाएं घर बैठे कर रहीं कमाई.(Photo:ITG)

मनीष चौरसिया

  • नोएडा,
  • 28 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

कहते हैं कि समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है. इस बात को साबित कर दिखाया है नोएडा की रहने वाली महज 17 साल की राहिणी बंसल ने. 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाली राहिणी ने अपनी छोटी सी उम्र में सैकड़ों महिलाओं की जिंदगी संवारने का बीड़ा उठाया है. अपनी सामाजिक पहल ‘सूत्रधार’ के जरिए वे न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही हैं, बल्कि टेक्सटाइल वेस्ट (कपड़ों की कतरन) का पुनरुत्पादन कर पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दे रही हैं.

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6 महिलाओं से शुरू हुआ सफर, अब 250 से ज्यादा जुड़ीं

राहिणी बंसल ने जब 10वीं कक्षा में कदम रखा था, तभी से उनके मन में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का विचार आया. साल 2024 में उन्होंने ‘सूत्रधार’ अभियान की नींव रखी. शुरुआत में सिर्फ 6 महिलाओं के साथ शुरू हुआ यह प्रयास आज 250 से अधिक महिलाओं का एक मजबूत समुदाय बन चुका है.

इस पहल के तहत राहिणी स्थानीय महिलाओं और लड़कियों को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसी व्यावहारिक स्किल्स मुफ्त में सिखाती हैं. इसके बाद टेक्सटाइल इंडस्ट्री से निकलने वाली बची हुई कतरन को इन महिलाओं तक पहुंचाया जाता है, जिससे वे आकर्षक शर्ट और अन्य उपयोगी सामान तैयार करती हैं.

घर बैठे कमाई: 4 हजार से 25 हजार रुपये प्रति माह

'सूत्रधार' की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महिलाओं को काम के लिए किसी दूर-दराज फैक्ट्री में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. वे अपने घर पर ही परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए रोजाना कुछ घंटे काम करती हैं. इस हुनर के दम पर महिलाएं हर महीने 4000 रुपये से लेकर 25000 रुपये तक आसानी से कमा रही हैं.

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''पहले कोई काम नहीं करती थीं, अब अपनी कमाई से बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रही हैं.''

- शोभा (45)

 

 

''अपनी स्वतंत्र कमाई के जरिए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही हैं.''

- चंदा

 

''अपनी कमाई से बीए की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं और आगे चलकर फैशन डिजाइनर बनने का सपना देख रही हैं.''

- प्राची

 

''अपनी आय से अपने भाई को कंप्यूटर कोर्स करा रही हैं.''

- मोनिका

इन महिलाओं में ऐसी महिलाएं भी हैं जिन्होंने मुश्किल घरेलू हालात का सामना किया. घरेलू हिंसा से पीड़ित एक महिला के लिए अपनी कमाई शुरू करना उसकी जिंदगी में बड़ा बदलाव लेकर आया. आर्थिक आत्मनिर्भरता ने उसे अपने जीवन को नए सिरे से बेहतर बनाने का हौसला दिया. देखें VIDEO:- 

 

नदियों में जाने से बच रहा टेक्सटाइल वेस्ट

राहिणी की यह पहल सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है. आमतौर पर गारमेंट इंडस्ट्री से निकलने वाले कपड़ों के छोटे टुकड़ों (कतरन) को कचरे में फेंक दिया जाता है, जो अंततः नदियों और नालों में पहुंचकर भयंकर प्रदूषण का कारण बनता है. 'सूत्रधार' इन कतरनों को दोबारा इस्तेमाल में लाकर पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है.

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