18 महीने बाद खुला सौरभ की हत्या वाला घर, बेड से उठी बदबू, अंदर का मंजर देख मां और भाई फूट-फूटकर रोए

मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड के करीब 18 महीने बाद बुधवार को वारदात वाले मकान का ताला खोला गया. अंदर सामान बिखरा मिला, बेड के बॉक्स से बदबू आ रही थी और फर्श पर सीमेंट के अवशेष मिले. सौरभ की मां और भाई उस कमरे में पहुंचकर रो पड़े, जहां उसकी हत्या हुई थी. पुलिस ने सामान परिजनों को सौंप दिया.

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सौरभ की हत्या वाले घर में 18 महीने बाद खुला. (Photo: ITG) सौरभ की हत्या वाले घर में 18 महीने बाद खुला. (Photo: ITG)

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST

मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड से जुड़ा मकान करीब 18 महीने बाद बुधवार शाम खोला गया. ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित इस मकान का ताला खुलते ही अंदर से तेज दुर्गंध आने लगी. घर में सामान बिखरा पड़ा था. फर्श पर सीमेंट के अवशेष थे और बेड के बॉक्स से भी बदबू आ रही थी. सौरभ की मां रेणू देवी और बड़ा भाई राहुल उर्फ बबलू जब उस कमरे में पहुंचे, जहां सौरभ की हत्या की गई थी, तो दोनों खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे. पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह संभाला.

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बुधवार, 28 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की मौजूदगी में मकान के दोनों ताले तोड़े गए. इस दौरान सौरभ की मां रेणू देवी, बड़ा भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद रहे. पुलिस ने मकान के अंदर रखे सामान की सूची तैयार की. इसके बाद सौरभ के सामान को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया गया.

मकान खुलने के बाद अंदर का नजारा देखकर हर कोई भावुक हो गया. लंबे समय से बंद पड़े घर में अंधेरा था और सामान बुरी तरह बिखरा हुआ था. जिस बेड पर सौरभ की हत्या किए जाने के बाद उसके शव को ड्रम में रखा गया था, उसके बॉक्स से भी सड़न की दुर्गंध आ रही थी. फर्श पर सीमेंट के अवशेष मिले. घर में लंबे समय तक ताला लगे रहने के कारण चूहों ने कपड़े, गद्दे और दूसरे घरेलू सामान को कुतरकर खराब कर दिया था.

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कमरों में कपड़े, जूते और घरेलू सामान इधर-उधर पड़ा था. बाथरूम में सौरभ की बनियान टंगी मिली. कमरे में उसकी बेटी पीहू की किताबें और खिलौने भी पड़े थे, जिन्हें चूहों ने नुकसान पहुंचाया था. घर में मुस्कान का मेकअप का सामान, जूते और अन्य घरेलू वस्तुएं भी मिलीं. दीवारों पर बच्चे के हाथ से बनाए गए स्केच नजर आए.

मां और भाई उस कमरे में पहुंचे, जहां हुई थी सौरभ की हत्या

मकान खुलने के दौरान सौरभ की मां और भाई उस कमरे में पहुंचे, जहां इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. वहां का दृश्य देखकर दोनों भावुक हो गए और रोने लगे. करीब डेढ़ साल बाद उस घर में पहुंचना परिवार के लिए बेहद भावुक पल था. पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभाला.

पुलिस ने मकान में रखे सामान की सूची तैयार कर उसकी फर्द बनाई और रिकॉर्ड में दर्ज किया. इसके बाद सौरभ के बड़े भाई राहुल को उसके कपड़े, लकड़ी का सामान, फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान सौंप दिया गया. परिवार के लोग मुस्कान और पीहू के कपड़े और खिलौने अपने साथ नहीं ले गए. कुछ सामान कमरों में ही पड़ा रहा.

बताया गया कि यह मकान 18 मार्च 2025 से बंद था. वारदात के बाद पुलिस ने इसे बंद करा दिया था. लंबे समय तक मकान बंद रहने और किराया नहीं मिलने से मकान मालिक ओमपाल सिंह को आर्थिक नुकसान हो रहा था. उन्होंने हाल में पुलिस से मकान खुलवाने की गुहार लगाई थी.

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बिजली का बिल भरने में परेशानी के चलते मकान की बिजली भी काट दी गई थी. मकान खुलने के बाद किसी तरह बिजली का कनेक्शन जोड़कर सामान बाहर निकाला गया. सामान सौंपने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मकान मालिक ओमपाल सिंह अपनी पत्नी के साथ देर रात गांव चले गए. उन्होंने मकान पर अपना ताला लगा दिया.

सौरभ हत्याकांड ने मार्च 2025 में खींचा था पूरे देश का ध्यान

मेरठ के सौरभ हत्याकांड ने मार्च 2025 में पूरे देश का ध्यान खींचा था. आरोप था कि सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसकी हत्या की. इसके बाद शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और ड्रम को सीमेंट से सील कर दिया गया था. पुलिस ने जांच के बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया.

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए. अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 14 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड की सजा सुनाई. दोनों ने इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की है. करीब 18 महीने तक बंद रहे इस मकान को खोलकर सौरभ का सामान परिजनों को सौंप दिया गया. घर में बिखरा सामान, बेड के बॉक्स से आती बदबू और फर्श पर सीमेंट के अवशेष इस वारदात की यादें फिर सामने ले आए. मकान खुलने के साथ ही हत्याकांड से जुड़ी एक और प्रक्रिया पूरी हुई.
 

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