उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां खेत में सो रहे 60 साल के बुजुर्ग उत्तम नायक को देर रात सांप ने काट लिया. सांप के काटने के बाद बुजुर्ग घबराए नहीं और उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए लाठी से सांप को पीट-पीटकर मार डाला. इसके बाद वह करीब पांच घंटे तक खेत में ही रहे और सुबह मरे हुए सांप को लेकर अस्पताल पहुंच गए. मामला श्रीनगर थाना क्षेत्र के ननौरा गांव का है. उत्तम नायक अपने खेत में बने टीन शेड के नीचे सो रहे थे. रात करीब 1 बजे वह गहरी नींद में थे. इसी दौरान उनके लटके हुए दाहिने हाथ की उंगली में अचानक कुछ चुभने का अहसास हुआ.
उत्तम नायक ने तुरंत टॉर्च जलाकर देखा. टॉर्च की रोशनी में उन्हें पास ही चूल्हे के पीछे एक काला सांप दिखाई दिया. सांप करीब पांच फीट लंबा बताया जा रहा है. सांप को सामने देखकर भी बुजुर्ग ने घबराने के बजाय अपनी लाठी उठाई. इसके बाद उन्होंने लाठी से सांप पर लगातार कई वार किए. कुछ ही देर में सांप वहीं ढेर हो गया. सांप को मारने के बाद बुजुर्ग ने अपने हाथ में लगे जख्म पर खुद ही पट्टी बांधी और वहीं बैठ गए.
घटना के बाद उन्होंने चाय पी और सुबह होने का इंतजार किया. रात करीब 1 बजे सांप के काटने के बाद वह करीब सुबह 5 बजे तक खेत में रहे. सुबह होने पर बुजुर्ग मरे हुए सांप को लेकर अपने घर पहुंचे और परिजनों को पूरी घटना बताई. उत्तम नायक के सांप के काटने की बात सुनते ही परिवार के लोग घबरा गए. उन्होंने बिना देर किए बुजुर्ग को जिला अस्पताल ले जाने का फैसला किया. इसके बाद परिवार उन्हें लेकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचा.
खेत में सो रहे बुजुर्ग को सांप ने काटा
अस्पताल में डॉक्टर और वहां मौजूद लोगों की नजर जब बुजुर्ग के हाथ में मौजूद थैले पर पड़ी तो मामला और हैरान करने वाला नजर आया. उत्तम नायक अपने साथ वही मरा हुआ सांप लेकर अस्पताल पहुंचे थे. थैले में करीब चार से पांच फीट लंबा काला सांप था. बुजुर्ग ने डॉक्टर को सांप दिखाते हुए बताया कि इसी सांप ने उन्हें काटा है. उन्होंने डॉक्टर से यह भी पूछा कि सांप जहरीला है या नहीं. मरे हुए सांप को लेकर अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए.
अस्पताल के डॉक्टर नवीन चौहान ने बुजुर्ग का तुरंत परीक्षण किया. इसके बाद उनका उपचार शुरू किया गया. जांच के दौरान राहत की बात सामने आई कि बुजुर्ग के शरीर में जहर के कोई लक्षण नहीं मिले. डॉक्टरों के मुताबिक सांप का केवल एक ही दांत बुजुर्ग को लगा था. इसी वजह से बड़ी अनहोनी टल गई. समय पर इलाज शुरू होने के बाद बुजुर्ग की हालत सुरक्षित बताई गई. फिलहाल उनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है.
बुजुर्ग के बेटे मनोज नायक ने घटना के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि रात में उनके पिता को सांप ने काट लिया था. इसके बाद उन्होंने सांप को मार दिया और सुबह घर लौटकर परिवार को पूरी घटना बताई. परिवार ने इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया. खुद घायल होने के बावजूद उत्तम नायक ने जिस तरह से स्थिति का सामना किया, वह इस पूरे मामले का सबसे खास हिस्सा रहा. सांप के काटने के बाद उन्होंने पहले सांप को पहचानने की कोशिश की और फिर लाठी से उस पर हमला कर उसे मार दिया.
इसके बाद उन्होंने अपने हाथ के जख्म पर खुद ही पट्टी बांधी. चाय पी और सुबह होने का इंतजार किया. करीब चार घंटे बाद सुबह 5 बजे वह घर पहुंचे. इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी मिली और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद भी बुजुर्ग अपने साथ मरा हुआ सांप लेकर गए थे. उनका कहना था कि इसी सांप ने उन्हें काटा है. उन्होंने डॉक्टर को सांप दिखाकर यह पता करने की कोशिश की कि सांप जहरीला था या नहीं.
डॉक्टर नवीन चौहान के मुताबिक मरीज की जांच की गई और उपचार शुरू किया गया. शरीर में जहर के कोई लक्षण नहीं मिले. डॉक्टरों ने बताया कि सांप का केवल एक दांत लगा था. इसी कारण बुजुर्ग की हालत गंभीर नहीं हुई और बड़ी अनहोनी टल गई. फिलहाल उत्तम नायक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी स्थिति सुरक्षित बताई गई है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
इस पूरी घटना में एक तरफ सांप के काटने का खतरा था, तो दूसरी तरफ बुजुर्ग ने बिना घबराए सांप को लाठी से मार दिया. इसके बाद करीब पांच घंटे बाद वह मरे हुए सांप को थैले में लेकर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में डॉक्टर को वही सांप दिखाकर उन्होंने बताया कि इसी ने उन्हें काटा है. महोबा के ननौरा गांव की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सांप के काटने के बाद बुजुर्ग ने खुद को संभाला और सुबह तक खेत में रहे. हालांकि डॉक्टरों ने समय पर उनका परीक्षण किया और शरीर में जहर के लक्षण नहीं मिलने से राहत मिली.
बुजुर्ग के बेटे मनोज नायक और डॉक्टर नवीन चौहान ने घटना को लेकर जानकारी दी. डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उत्तम नायक सुरक्षित हैं और उनका उपचार जारी है. इस घटना के बाद बुजुर्ग की हिम्मत की चर्चा हो रही है. रात के अंधेरे में सांप के काटने के बाद उन्होंने पहले सांप को लाठी से मार दिया. फिर खुद जख्म पर पट्टी बांधी और सुबह अस्पताल पहुंचे.
इलाज के बाद बुजुर्ग को अस्पताल से मिली छुट्टी
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि वह मरा हुआ सांप भी अपने साथ थैले में लेकर अस्पताल पहुंच गए. फिलहाल उत्तम नायक खतरे से बाहर हैं और जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक सांप का सिर्फ एक दांत लगने से जहर का असर नहीं हुआ और बड़ी अनहोनी टल गई.
नाहिद अंसारी