लखनऊ में एसटीएफ ने फर्जी लोन गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के सरगना आमिर एहसन को मड़ियांव इलाके से गिरफ्तार किया गया है. आमिर ने 2017 में यूनिटी कॉलेज हुसैनाबाद से ड्राफ्ट्समैन का डिप्लोमा किया था. 2018 में उसकी मुलाकात नावेद से हुई, जिस पर पहले से बैंक फ्रॉड के मामले दर्ज थे. आमिर ने वानेद के साथ ही मिलकर जालसाजी शुरू की.
आमीर एहसन ने अपने गिरोह के साथ मिलकर 100 से ज्यादा लोगों, फर्मों और कंपनियों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन लेकर करोड़ों रुपए हड़प लिए. गिरोह ने आधार और पैन कार्ड पर लगी फोटो एडिट कर उनकी जगह अपने सदस्यों की फोटो लगाई. फर्जीं पते पर कंपनियां बनाकर मुद्रा लोन योजना के तहत अलग-अलग बैंकों से लोन पास कराए जाते थे. बैंक कर्मियों से सांठगांठ कर कोटेशन तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर किए जाते थे.
यह भी पढ़ें: Delhi: कौशल चौधरी गैंग का शार्पशूटर गिरफ्तार, बुराड़ी के कारोबारी की हत्या की रच रहा था साजिश
कोटेशन तैयार कर कराते थे फर्जी सिग्नेचर
आमीर एहसन के गिरोह के सदस्य इंद्रजीत सिंह ने राज बहादुर को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा ले जाकर ब्रांच मैनेजर गौरव सिंह के केबिन में पहले से तैयार दस्तावेजों पर कई जगह साइन कराए. कुछ दिन बाद और साइन करवाए गए. बाद में नावेद ने लोन न होने की बात कहकर मना कर दिया. बाद मे सिविल स्कोर गिरने पर पीड़िता को पता चला. पीड़ित राज बहादुर गुरुंग ने एसटीएफ से शिकायत की.
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. आरोपियों ने कबूल किया कि अब तक 100 से ज्यादा लोगों, फर्मों और कंपनियों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन लेकर करोड़ों रुपए हड़प चुके हैं. गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों और वॉलेट की जांच की जा रही है.
आशीष श्रीवास्तव