राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई. इस घटना में अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर था और न ही लाइब्रेरी चल रही थी. ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी और ऊपर की मंजिल पर एनिमेशन सेंटर संचालित था, जहां कर्मचारी काम कर रहे थे.
चश्मदीद ओम प्रकाश ने बताई भयावह कहानी
स्थानीय चश्मदीद ओम प्रकाश ने बताया कि आग लगने के बाद हालात बेहद भयावह हो गए थे. उनके अनुसार दमकल की गाड़ियां करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं. इस दौरान इमारत के अंदर फंसे लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत के कांच पत्थरों से तोड़ दिए. ओम प्रकाश के मुताबिक जैसे ही कांच टूटे, कई युवक और युवतियां छज्जों और खुले हिस्सों से कूदकर बाहर निकलने लगे और किसी तरह अपनी जान बचाई.
लोगों की बहादुरी से बची जानें
आग की भयावहता के बीच स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लोगों ने मौके पर पहुंचकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में मदद की. कई लोग धुएं और आग के बीच घिरे नजर आए, लेकिन स्थानीय प्रयासों से उन्हें सुरक्षित निकाला गया. घटना के दौरान इमारत के आसपास लगे पेड़ भी जलकर राख हो गए. वहीं पेट शॉप में रखा पशुओं का खाने का सामान भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया.
यह भी पढ़ें: लखनऊ आग में 15 लोगों की मौत, जान बचाने को गेमिंग जोन की छत से कूदे लोग
दमकल और पुलिस की देरी पर सवाल
चश्मदीद के बयान में फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने का भी दावा किया गया है, हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. एडीसीपी सेंट्रल जितेंद्र कुमार ने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है और ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी. उन्होंने टेंडर या दमकल की देरी को लेकर पूछे गए सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया.
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की स्थिति
सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया और फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी स्थिति की निगरानी की.
पुलिस के अनुसार शुरुआती आशंका में 4–5 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, लेकिन बाद में सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. एक व्यक्ति घायल हुआ है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है. पूरे इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और जांच जारी है.
समर्थ श्रीवास्तव