राजधानी लखनऊ में रिश्तों को झकझोर देने वाला हत्याकांड सामने आया है. नाका थाना क्षेत्र के विजन अपार्टमेंट में 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी 42 वर्षीय मां की रिंच से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की जांच में हत्या की पहले से तैयारी किए जाने की बात सामने आई है. आरोपी ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए मास्टर रिंच और पेपर स्प्रे मंगाया था. इसके बाद उसने AI की मदद से हत्या की पूरी योजना अपनी पर्सनल डायरी में दर्ज की थी.
पुलिस के मुताबिक, वारदात 1 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे हुई. आरोपी बेटा घर पहुंचा था. घर पहुंचने के बाद उसने अपनी मां से चाय बनाने के लिए कहा. मां जैसे ही रसोई की तरफ बढ़ीं, आरोपी ने पीछे से उन पर रिंच से हमला कर दिया. उसने मां के सिर पर लगातार कई वार किए. हमले में महिला गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ीं. कुछ ही मिनट में उनकी मौत हो गई.
मां की हत्या करने के बाद आरोपी ने भागने या घटना को छिपाने की कोशिश नहीं की. उसने खुद अपने पिता को फोन किया. इसके बाद डायल 112 पर भी कॉल की. फोन पर उसने कहा कि उसने अपनी मम्मी को मार डाला है. नाबालिग की इस सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से भी कई अहम साक्ष्य जुटाए गए.
ऑनलाइन मंगाया था मास्टर रिंच और पेपर स्प्रे
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपी की डायरी और मोबाइल फोन से कई अहम जानकारी मिली. पुलिस के मुताबिक, किशोर ने हत्या की तैयारी पहले से की थी. उसने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए एक मास्टर रिंच और पेपर स्प्रे मंगाया था. इसके बाद AI की मदद से हत्या की पूरी पटकथा तैयार की गई. इस योजना को उसने अपनी पर्सनल डायरी में भी लिखा था. डायरी में हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार से लेकर वारदात के बाद खून और साक्ष्य मिटाने तक की जानकारी दर्ज थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खून और साक्ष्य साफ करने के लिए गर्म पानी के इस्तेमाल तक की बात डायरी में लिखी थी. पुलिस ने डायरी, मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल रिंच और खून से सने कपड़े जब्त कर लिए हैं. सभी सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
पुलिस की जांच में परिवार से जुड़े कुछ ऐसे पहलू भी सामने आए हैं, जिनके चलते घर में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी करीब 10 से 12 साल की उम्र तक सामान्य था. इसके बाद उसमें शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आने लगे. परिजनों के मुताबिक, किशोर को लड़कियों जैसे कपड़े पहनने और सजने-संवरने का शौक था. उसके व्यवहार को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था. उसकी आक्रामकता और समलैंगिकता को लेकर भी परिवार में आए दिन विवाद और मारपीट होती थी. पुलिस के मुताबिक, वह किसी के छूने पर भी बुरी तरह भड़क जाता था.
लगातार रोक-टोक और सामाजिक बदनामी के डर के बीच परिवार ने करीब चार महीने पहले उसे घर से अलग रखने का फैसला किया. परिजनों ने गणेशगंज में घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उसके लिए अलग फ्लैट दिला दिया था. इसके बाद किशोर वहीं रहने लगा. मृतका के पति शहर के जाने-माने कपड़ा कारोबारी हैं. आरोपी उनका इकलौता बेटा है. पिता के मुताबिक, बेटा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था और उसका इलाज भी चल रहा था. परिवार की ओर से उसके खर्च के लिए हर महीने पैसे भी भेजे जाते थे.
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए अहम साक्ष्य
परिवार से अलग रहने के बावजूद मां-बाप और बेटे के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ. आखिरकार 1 अक्टूबर की रात यह तनाव हत्या तक पहुंच गया. आरोपी ने घर पहुंचकर मां से चाय बनाने के लिए कहा और इसके बाद रिंच से हमला कर दिया. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है. पुलिस उसके मोबाइल फोन, डायरी और दूसरे बरामद सामान की फोरेंसिक जांच करा रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की योजना किस तरह तैयार की गई थी और वारदात से पहले आरोपी ने किन चीजों की तैयारी की थी. पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
अंकित मिश्रा