'जो बच पाया वो साथ ले आए...', कुशीनगर में तटबंध टूटन से 30 से ज्यादा गांवों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंध टूट गया, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को खाली कराया और SDRF, NDRF, पीएसी की टीमें बचाव कार्य में जुट गई हैं.

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 कुशीनगर में SDRF और NDRF की टीमें तैनात (Photo: ITG) कुशीनगर में SDRF और NDRF की टीमें तैनात (Photo: ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:01 PM IST

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए. कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील के जवही दयाल और बिरवट कोनवलिया के बीच गौरहा गांव के सामने सोमवार की रात 10.30 बजे एपी बांध 10 किमी लंबाई में टूट गया. कटान स्थल पर मौजूद तीन चार लोग पानी में गिर गए. उन लोगों को रस्सी के जरिए बचाया गया. 

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तटबंध टूटने के बाद हालात बिगड़ने लगे. प्रशासन ने आनन-फानन में दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को खाली कराया. सीएम योगी ने सोमवार को अधिकारियों से घटना की जानकारी ली. आज तक ने मौके पर पहुंच कर बाढ़ प्रभावित लोगों से बात की. लोगों ने बताया कि रात में बांध टूटने से कई गांव पानी जलमग्न हो गए. 

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी बचाव कार्य में जुट गई है. टूटे हुए बांध पर काबू नहीं पाया गया तो 50 से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं और बड़ा नुकसान हो सकता है. प्रशासन की टीम बचाव कार्य में लगी हैं. 

नारायणी (गंडक) नदी में पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी होने के बाद एपी तटबंध पर दबाव बढ़ गया था. जवही दयाल से विरवट कोनवलिया के बीच गौरहा गांव के सामने रविवार की रात से रिसाव हो रहा था. 

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यह भी पढ़ें: उफनती नदी, टूटा तटबंध, उजड़ा घर... कुशीनगर के बाढ़ पीड़ितों से मिले CM योगी

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर जाकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की. सरकार ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच हजार सूखे राहत पैकेट देने की घोषणा की है. SDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कुशीनगर जाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की. सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि आम तौर पर नारायणी नदी में 3-4 लाख क्यूसेक पानी रहता है लेकिन अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध टूट गया. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

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