उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए. कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील के जवही दयाल और बिरवट कोनवलिया के बीच गौरहा गांव के सामने सोमवार की रात 10.30 बजे एपी बांध 10 किमी लंबाई में टूट गया. कटान स्थल पर मौजूद तीन चार लोग पानी में गिर गए. उन लोगों को रस्सी के जरिए बचाया गया.
तटबंध टूटने के बाद हालात बिगड़ने लगे. प्रशासन ने आनन-फानन में दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को खाली कराया. सीएम योगी ने सोमवार को अधिकारियों से घटना की जानकारी ली. आज तक ने मौके पर पहुंच कर बाढ़ प्रभावित लोगों से बात की. लोगों ने बताया कि रात में बांध टूटने से कई गांव पानी जलमग्न हो गए.
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी बचाव कार्य में जुट गई है. टूटे हुए बांध पर काबू नहीं पाया गया तो 50 से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं और बड़ा नुकसान हो सकता है. प्रशासन की टीम बचाव कार्य में लगी हैं.
नारायणी (गंडक) नदी में पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी होने के बाद एपी तटबंध पर दबाव बढ़ गया था. जवही दयाल से विरवट कोनवलिया के बीच गौरहा गांव के सामने रविवार की रात से रिसाव हो रहा था.
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मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर जाकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की. सरकार ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच हजार सूखे राहत पैकेट देने की घोषणा की है. SDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कुशीनगर जाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की. सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि आम तौर पर नारायणी नदी में 3-4 लाख क्यूसेक पानी रहता है लेकिन अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध टूट गया. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
समर्थ श्रीवास्तव