उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो रही है. अब RLD के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
हाथरस के मुरसान में ‘स्वाभिमान सम्मान पदयात्रा एवं समरसता अभियान’ की शुरुआत के दौरान त्यागी ने कहा, “हम चवन्नी नहीं, महात्मा गांधी की तस्वीर वाली 500 रुपये की नोट हैं.”
दरअसल, अगस्त में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी और RLD पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने ‘चवन्नी का रुपया’ बना दिया, फिर भी वे साथ छोड़कर चले गए.
यह टिप्पणी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान जयंत चौधरी के उस बयान के संदर्भ में थी, जब उन्होंने BJP के साथ जाने की अटकलों के बीच कहा था कि वह कोई ‘चवन्नी’ नहीं हैं, जिसे आसानी से पलटा जा सके. 2022 में SP और RLD ने साथ चुनाव लड़ा था. इसके बाद जयंत चौधरी की पार्टी NDA में शामिल हो गई और अब वह BJP के साथ गठबंधन में है.
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‘हम पलटी मारने वाले नहीं’
KC त्यागी ने कहा कि RLD और NDA का रिश्ता आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि RLD के मजबूत होने से NDA भी मजबूत होगा.साथ ही उन्होंने खुद को और पार्टी को ‘टर्नकोट’ यानी बार-बार पाला बदलने वाला बताए जाने से इनकार किया.
त्यागी ने मुलायम सिंह यादव और चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक प्रभाव को समझते थे, लेकिन अगली पीढ़ी को यह याद नहीं.
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UCC पर भी बोले KC त्यागी
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर त्यागी ने कहा कि संविधान में इसका प्रावधान है.हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद राज्यों समेत सभी संबंधित पक्षों से बातचीत होनी चाहिए, क्योंकि कानून लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की भी होगी.
KC त्यागी इसी साल मार्च में JDU छोड़कर RLD में शामिल हुए थे. वह लंबे समय तक JDU में महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार जैसे पदों पर रहे हैं. यूपी की राजनीति में अब ‘चवन्नी’ वाला बयान एक बार फिर सुर्खियों में है. फिलहाल पुरानी दोस्ती के बाद दोनों दलों के बीच अब राजनीतिक खटास है.
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