कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के तेजा गुमटी के पास 20 अक्टूबर को कार की टक्कर से वीरू सिंह भदौरिया की मौत हुई. चश्मदीद विक्रम और परिजनों के आरोप पर पुलिस ने हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों, राजवीर और पिंटू को गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरे आरोपी मेवा यादव की तलाश जारी है.
चश्मदीद विक्रम के चौंकाने वाले खुलासे
घटना के चश्मदीद गवाह विक्रम ने बताया कि वह वीरू के साथ बाइक पर जा रहा था. रास्ते में दोनों के बीच बातचीत होने के बाद वह बाइक से उतरकर पैदल चलने लगा. विक्रम के मुताबिक, एक कार ने वीरू को टक्कर मार दी जिससे उसके दोनों हाथ विंडशील्ड में फंस गए. चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और उसे लटकाए रखा. विक्रम ने पीछा किया और अन्य लोगों ने भी आवाज लगाई, लेकिन कार नहीं रुकी.
परिजनों के गंभीर आरोप और पुलिस की कार्रवाई
हनुमंत विहार थाने के बाहर परिजनों ने गाड़ी दिखाते हुए आरोप लगाया कि वीरू की मौत के पीछे गहरी साजिश है. शुरुआत में पुलिस इसे लापरवाही से गाड़ी चलाने और दुर्घटना का मामला मान रही थी और बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि, परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने दो आरोपियों राजवीर और पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है और प्रयुक्त गाड़ी भी बरामद कर ली है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए बड़े खुलासे
वीरू सिंह भदौरिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कुल आठ गंभीर चोटें मिलने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, उसके सिर पर तीन, सीने के पास दो, चेहरे, पैर और बाएं हाथ पर एक-एक चोट आई है. डॉक्टरों और रिपोर्ट के मुताबिक, सिर पर लगी गंभीर चोट ही उसकी मौत का मुख्य कारण बनी. पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है.
सिमर चावला