कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खराब हालत पर आजतक की खबर के बाद NHAI ने बड़ा एक्शन लिया है. सड़क की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली सस्पेंड कर दी गई है. इस दौरान यात्रियों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. टोल से होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित कंपनी से की जाएगी.
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खराब सड़क का मुद्दा AajTak ने India Today के प्राइम टाइम में उठाया था. इसके बाद NHAI ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार कंपनी, इंजीनियर और अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की. सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, सड़क की तकनीकी जांच भी शुरू हो गई है. खराब हिस्से को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हुई.
लापरवाही सामने आने के बाद PNC Infratech Ltd. को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने का नोटिस भेजा गया है. यह फैसला लागू होते ही कंपनी भविष्य में NHAI के किसी टेंडर में हिस्सा नहीं ले पाएगी. परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत जुर्माना लगाने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर 3 साल का बैन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके अलावा, कंपनी की रोड क्वालिटी रेटिंग यानी 'पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स' को भी घटाया जा रहा है. इससे आगे के प्रोजेक्ट्स हासिल करने में कंपनी को काफी मुश्किल होगी. NHAI ने साफ कर दिया है कि घटिया काम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
3 करोड़ रुपये खर्च कर खुद ठीक करेगी सड़क
NHAI ने साफ कर दिया है कि एक्सप्रेसवे के खराब हिस्से को ठीक करने का पूरा खर्च कंपनी खुद उठाएगी. इस काम पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसका कोई बोझ NHAI पर नहीं आएगा.
इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है. निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को तुरंत प्रोजेक्ट से हटा दिया गया. इन तीनों के अगले 2 साल तक सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH), NHAI और NHIDCL के किसी भी प्रोजेक्ट में काम करने पर रोक लगा दी गई है.
मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है. वहीं, पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया और नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
IIT खड़गपुर की टीम करेगी जांच
सड़क खराब होने की असली वजह पता लगाने के लिए हाई-टेक लेजर मशीनों से जांच की जा रही है. इसके साथ ही प्रोफेसर के.एस. रेड्डी की अगुवाई में विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है, जो पूरी रिपोर्ट तैयार करके सुधार के उपाय बताएगी.
मरम्मत तक नहीं देना होगा टोल
जब तक सड़क का मरम्मत कार्य पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक किसी भी यात्री से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा. काम पूरा होने के बाद ही टोल वसूली दोबारा शुरू की जाएगी. इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाली कंपनी और अफसरों, दोनों पर सख्त कदम उठाते हुए जवाबदेही तय कर दी गई है.
अब इस पूरे मामले में गेंद NHAI के पाले में है. एक तरफ सड़क की मरम्मत तेजी से कराने का काम शुरू हो गया है, दूसरी तरफ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी चल रही है. मरम्मत पूरी होने तक यात्रियों को टोल नहीं देना होगा. इसके बाद तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
सिमर चावला