लैंबॉर्गिनी की नंबर प्लेट क्यों नोच रहा था बाउंसर? 12 करोड़ की कार से टक्कर के बाद का वीडियो आया सामने

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी केस में नया वीडियो सामने आया है. वायरल फुटेज में हादसे के बाद शिवम मिश्रा का बाउंसर कार की नंबर प्लेट हटाने की कोशिश करता नजर आ रहा है. वहीं एक वीडियो में ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा के दिखने का दावा किया गया. अब वीडियो के बाद जांच की दिशा पर कई सवाल उठ रहे हैं.

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कार की नंबर प्लेट नोचता दिखा बाउंसर. (Photo: Screengrab) कार की नंबर प्लेट नोचता दिखा बाउंसर. (Photo: Screengrab)

सिमर चावला

  • कानपुर,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:54 AM IST

रविवार को कानपुर के पॉश ग्वालटोली क्षेत्र की वीआईपी रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी अचानक बेकाबू होकर कई वाहनों से टकराती चली गई. करीब 12 करोड़ कीमत वाली कार ने पहले ई-रिक्शा, फिर बाइक सवार और एक राहगीर को चपेट में लिया. इसके बाद सड़क किनारे खंभे से जा भिड़ी. हादसे में कई लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया.

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अब इस मामले में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें हादसे के बाद बाउंसर कार की नंबर प्लेट नोचने की कोशिश करते दिख रहे हैं. यह लग्जरी कार शहर के बड़े कारोबारी घराने बंशीधर टोबैको ग्रुप से जुड़ी है. पुलिस ने कहा कि कार उद्योगपति केके मिश्रा के बेटे और ग्रुप से जुड़ी कंपनी के डायरेक्टर शिवम मिश्रा चला रहा था.

यह वीडियो हादसे के तुरंत बाद का है. फुटेज में दिखता है कि बाउंसर कार के आसपास खड़े हैं, हाथों में वॉकी-टॉकी लिए भीड़ को दूर हटने के लिए कह रहे हैं. पुलिस से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान एक बाउंसर कार की नंबर प्लेट को हटाने या नोचने जैसी कोशिश करता है. वीडियो सामने आने के बाद यह वायरल हो गया. इस मामले में लीपापोती के आरोप फिर उठने लगे.

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यहां देखें Video

एक वीडियो में यह भी दावा किया गया कि हादसे के तुरंत बाद कार की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही बैठा था. अंदर कोई ड्राइवर दिखाई नहीं देता. शिवम मिश्रा के पिता और उनके वकील की ओर से कहा गया था कि कार ड्राइवर चला रहा था. मोहन नाम के व्यक्ति की ओर से कोर्ट में एक एफिडेविट भी दाखिल किया गया, जिसमें खुद को चालक बताया गया. इस पूरे विवाद में अलग-अलग दावे सामने आने से तस्वीर और उलझ गई.

पुलिस का कहना था कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था. वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष ने कहा कि ड्राइवर मोहन वाहन चला रहा था. बाद में वादी पक्ष की ओर से भी एक समझौता शपथपत्र कोर्ट में दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसमें कहा गया कि घटना के समय गाड़ी मोहन लाल ही चला रहा था. इस शपथपत्र के बाद केस की दिशा को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गईं.

यह भी पढ़ें: 90 साल की विरासत, अरबों का साम्राज्य और लैंबॉर्गिनी हादसा... कानपुर के शिवम मिश्रा की पूरी कहानी

खुद को ड्राइवर बताने वाले मोहन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वही कार चला रहा था और शिवम मिश्रा बगल की सीट पर बैठे थे. उसने दावा किया कि हादसे से ठीक पहले शिवम मिश्रा की तबीयत बिगड़ी और वह उसकी ओर गिर पड़े, जिससे बैलेंस बिगड़ गया और टक्कर हो गई. जब उससे पूछा गया कि वायरल वीडियो में शिवम मिश्रा को बाउंसर कार से निकालते क्यों दिख रहे हैं, तो मोहन का कहना था कि वह दूसरी तरफ से नीचे उतर गया था.

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बता दें कि यह घटना 8 फरवरी 2026 को ग्वालटोली थाना क्षेत्र में हुई थी. इस हादसे के मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था. 

एफआईआर में नाम जुड़ने के बाद पुलिस टीम शिवम मिश्रा के घर भी पहुंची. दारोगा शैलेश कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ घर पहुंचे थे, लेकिन काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद नहीं खुला तो पुलिस को वापस लौटना पड़ा. 

इस पूरे मामले में पुलिस ने दावा किया कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था. बचाव पक्ष और परिवार का दावा है कि ड्राइवर मोहन वाहन चला रहा था... वहीं एक वीडियो सामने आया, जिसमें ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा नजर आया. अब एक और वीडियो सामने आया, जिसमें बाउंसरों द्वारा नंबर प्लेट हटाने की कोशिश भी नजर आ रही है.

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