कानपुर के पुरवामीर गांव में शनिवार सुबह करीब 6:40 बजे एक घर में जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. सुबह का वक्त था. घर में सब कुछ सामान्य था. 18 साल की यशी बाथरूम से निकलकर अपने कमरे की तरफ जा रही थी. उसे क्या पता था कि जिस आंगन से वह रोज गुजरती है, उसी की जमीन कुछ सेकंड बाद उसके पैरों के नीचे से गायब हो जाएगी.
यशी ने जैसे ही आंगन में कदम बढ़ाया, अचानक जमीन का एक हिस्सा धंस गया. देखते ही देखते वहां गहरा गड्ढा बन गया और यशी मलबे के साथ करीब 20 फीट नीचे जा गिरी. घरवालों को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. कुछ ही सेकंड में घर के अंदर चीख-पुकार मच गई. जिस जगह कुछ पल पहले यशी दिखाई दे रही थी, वहां अब जमीन के बजाय गहरा गड्ढा था.
परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. खबर मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. लेकिन मामला सिर्फ एक गड्ढे से किसी को बाहर निकालने का नहीं था. करीब 20 फीट नीचे युवती फंसी थी और ऊपर से जमीन भी कमजोर थी. ऐसे में जरा सी लापरवाही रेस्क्यू ऑपरेशन को और मुश्किल बना सकती थी.
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इसके बाद NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचीं. रेस्क्यू शुरू हुआ. जेसीबी की मदद से आसपास की मिट्टी हटाई जाने लगी. टीमों की कोशिश थी कि किसी तरह यशी तक पहुंचा जाए, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी था कि मिट्टी हटाते वक्त ऊपर की जमीन और न धंस जाए. नीचे यशी फंसी थी और ऊपर पूरा गांव उसकी सलामती की दुआ कर रहा था.
तीन साल पुरानी बोरिंग ने बढ़ाई चिंता
हादसे के बाद परिवार ने जमीन धंसने की एक वजह पुरानी बोरिंग को बताया. परिजनों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले घर के अंदर बोरिंग कराई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई थी. अब परिवार को आशंका है कि उसी पुरानी बोरिंग की वजह से जमीन अंदर से कमजोर हो गई होगी. पिछले दिनों हुई बारिश के बाद जमीन में नमी बढ़ी और शायद कमजोर हिस्सा अचानक बैठ गया. हालांकि यह अभी सिर्फ आशंका है. जमीन आखिर क्यों धंसी, इसका पता जांच के बाद ही चल पाएगा.
20 फीट नीचे बेटी, ऊपर बेचैन परिवार
घटना के बाद से मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा है. हर किसी की नजर रेस्क्यू टीम पर है. परिवार के लोग बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब टीम यशी को सुरक्षित बाहर निकाल ले. एक तरफ जेसीबी लगातार मिट्टी हटा रही है, दूसरी तरफ NDRF और SDRF की टीमें बेहद सावधानी से आगे बढ़ रही हैं. क्योंकि यहां सिर्फ मिट्टी नहीं हटाई जा रही, बल्कि हर कदम पर एक जिंदगी तक पहुंचने की कोशिश हो रही है. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. यशी करीब 20 फीट नीचे फंसी है और बाहर उसके परिवार वाले उसकी सलामती का इंतजार कर रहे हैं.
सिमर चावला