UP News: झांसी के गुरसरांय थाने की टॉयलेट में छेड़छाड़ के आरोपी पुजारी ने 10 अगस्त को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. इसी मामले में थानेदार, एक दरोगा और दो सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है. इसकी जानकारी पुलिस ने सोशल मीडिया पर दी है.
मालूम हो कि गुरसरांय थाने की पुलिस 62 साल के पुजारी राजेंद्र द्विवेदी को पकड़कर थाने ले आई थी. जहां उन्होंने टॉयलेट में जाकर गमछे से फांसी लगा ली थी. नजर पड़ते ही आनन फानन में पुलिस राजेंद्र को फांसी से उतारकर मेडिकल कॉलेज ले आई थी, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.
बेटे विनय द्विवेदी का आरोप था कि उसके पिता पर झूठा आरोप लगाकर केस दर्ज कराया गया था, जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.
पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया. मृतक के बेटे की लिखित शिकायत के आधार पर बच्ची के पिता समेत दो लोगों पर मामला दर्ज कर लिया. साथ ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मृतक के बेटे विनय द्विवेदी ने बताया कि गांव के रहने वाले रामकुमार कुशवाह और प्रमोद कुशवाह ने उसके पिता राजेंद्र द्विवेदी पर आरोप लगाया कि जब उसकी बेटी फूल तोड़ने गई थी तब उसके साथ छेड़छाड़ की गई. जबकि यह आरोप झूठा था. उन्होंने सिर्फ बच्ची को फूल तोड़ने पर डांटकर वहां से भगा दिया था. इसके चलते उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया. पुलिस उन्हें थाने ले गई थी. रविवार को उसकी पिता से बात भी हुई थी. सोमवार को पुलिस ने कॉल पर बताया कि राजेंद्र की तबीयत बिगड़ गई है. बेटे के पहुंचने पर मालूम हुआ कि पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसके पिता ने आरोप से क्षुब्ध होकर यह कदम उठाया है.
पुलिस का बयान
उधर, पुलिस ने इस मामले में बताया कि बीते रविवार को सिंगार गांव के निवासी ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़खानी होने की शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में गुरसराय पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गांव के राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी को हिरासत में लिया था. छेड़खानी के आरोपों के चलते राजेंद्र द्विवेदी क्षुब्ध थे और उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.
मृतक के बेटे विनय कुमार द्विवेदी की तहरीर पर थाना गुरसराय में केस दर्ज कर लिया गया है. इस मामले में थाना प्रभारी, एक एसआई और दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए हैं. उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है.
प्रमोद कुमार गौतम