उत्तर प्रदेश के झांसी में किन्नरों के एक गुट ने पुलिस लाइन के सामने जमकर हंगामा किया. आरोप है कि पांच लोगों ने अर्धनग्न और नग्न अवस्था में सड़क पर प्रदर्शन किया, यातायात रोक दिया और राहगीरों के साथ हाथापाई की. इस दौरान कुछ लोग गाड़ियों के बोनट पर चढ़ गए. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उसके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति संभाली और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, हंगामा करने वालों में प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली अंशिका उर्फ अभिषेक किन्नर, पूजा किन्नर, नयनपारा किन्नर, रश्यिन किन्नर और अंशिका की मां ममता शामिल हैं. आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस लाइन गेट के सामने यातायात बैरियर लगाकर रास्ता बाधित कर दिया था. इसके बाद सड़क पर प्रदर्शन करते हुए आने-जाने वाले लोगों से अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर मारपीट पर उतर आए.
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी अपने विरोधी गुट की प्रमुख बब्ली मौसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे. पुलिस के मुताबिक, जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है. पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
बब्ली मौसी और अंशिका के गुट में दो साल से विवाद
पुलिस के अनुसार, अंशिका उर्फ अभिषेक पहले किन्नर समाज की प्रमुख बब्ली मौसी के साथ काम करती थी. करीब दो साल पहले क्षेत्र में लोगों से बिना बताए ज्यादा बधाई मांगने की शिकायतें मिली थीं. इसके बाद बब्ली मौसी ने अंशिका को अपने गुट से अलग कर दिया. फिर अंशिका ने अपना अलग समूह बना लिया. इसी के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और तनाव बना हुआ है.
पुलिस का कहना है कि अंशिका गुट बब्ली मौसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रहा था. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों को कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ. इसी तनाव के बीच 24 अक्टूबर की शाम पुलिस लाइन के सामने प्रदर्शन और हंगामे की घटना हुई.
दो दिन पहले थाने में फिनायल पीने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर को भी इसी विवाद को लेकर एक किन्नर ने थाने में फिनायल पीकर आत्महत्या की कोशिश करने का प्रयास किया था. उस समय पुलिस ने उसे रोककर समझाया था. पुलिस का कहना है कि उस घटना के दौरान भी बब्ली मौसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा था.
इसके बावजूद विवाद नहीं थमा और 24 अक्टूबर को पांच लोग पुलिस लाइन के सामने पहुंच गए. पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह ने बताया कि चार किन्नरों और उनके एक सहयोगी ने यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया था. उन्होंने राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार किया और नग्न अवस्था में प्रदर्शन किया. रोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई.
गाड़ियों के बोनट पर चढ़कर किया प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग राहगीरों की गाड़ियों के बोनट पर चढ़ गए. पुलिस लगातार उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन वे उग्र होते गए. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांचों को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के मुताबिक, घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हुआ और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
गिरफ्तार किए गए लोगों में अंशिका उर्फ अभिषेक, पूजा, नयनपारा, रश्यिन और ममता शामिल हैं. पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की. पुलिस का कहना है कि बब्ली मौसी और अंशिका के गुट के बीच चल रहे विवाद को लेकर पहले भी कई बार समझाया जा चुका था. फिलहाल मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
प्रमोद कुमार गौतम