आजमगढ़ हत्याकांड: 'कातिल' अरविंद सिंह की मां का बड़ा खुलासा, बताया कैसे महामृत्युंजय जाप के बीच बिछ गईं लाशें?

आजमगढ़ के अहरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां आरोपी अरविंद सिंह ने पूजा के दौरान अपनी पत्नी बबीता और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अरविंद की भी जान चली गई.

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आजमगढ़ कांड के आरोपी अरविंद सिंह की मां का बयान (Photo- ITG) आजमगढ़ कांड के आरोपी अरविंद सिंह की मां का बयान (Photo- ITG)

संतोष शर्मा

  • आजमगढ़,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

Uttar Pradesh News: आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने घर में चल रही पूजा के दौरान विवाद होने पर रिवाल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस घटना में अरविंद की पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पुरोहितों, जिनमें पंडित महेंद्र पाठक भी शामिल थे, की मौत हो गई. इसके बाद आरोपी ने अपने 8 साल के बेटे शौर्य, 5 साल की बेटी परी और 6 महीने की बच्ची को बंधक बना लिया. देर रात पुलिस की जवाबी कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुई फायरिंग में आरोपी अरविंद ढेर हो गया. बाद में उसके 8 साल के घायल बेटे शौर्य की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. इस तरह इस पूरी खौफनाक घटना में कुल मिलाकर पांच लोगों की जान जा चुकी है. अब इस मामले में अरविंद की मां ने 'आजतक' से बातचीत करते हुए बड़ा खुलासा किया है. 

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मां श्यामबला देवी का बड़ा बयान

मुख्य आरोपी अरविंद सिंह की मां श्यामबला देवी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि अरविंद के लिए ही उसकी पत्नी बबीता तीन पुरोहितों के साथ मिलकर पिछले तीन दिनों से घर में महामृत्युंजय का जाप करवा रही थी. कल शाम करीब 5:30 बजे जब अरविंद घर पहुंचा, तो उसने पूजा करवा रहे पुरोहितों से उनका आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. 

विवाद, हत्या और पुरानी रंजिश

मां के अनुसार, पुरोहितों के इस अपमान का पत्नी बबीता सिंह ने विरोध किया. इससे नाराज होकर अरविंद ने पहले बबीता की हत्या की. फिर भाग रहे तीन पुरोहितों में से दो को गोली मार दी, जबकि एक पुरोहित जान बचाकर भाग निकला. मां श्यामबला देवी ने यह भी खुलासा किया कि 12 अक्टूबर 2018 को बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद से अरविंद काफी परेशान रहने लगा था. 

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घर के बाहर गुमसुम बैठी अरविंद की मां (Photo- Gaurav Gupta/AajTak)

परिवार का पुराना इतिहास और हथियार

श्यामबला देवी के मुताबिक, साल 2015 में बबीता ने पड़ोस के दो लोगों पर बलात्कार का केस दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें 20-20 साल की सजा हुई. उस केस की सुनवाई से ठीक पहले सुनील की हत्या हुई थी, जिसका मामला अभी कोर्ट में लंबित है. जिस रिवाल्वर से अरविंद ने हत्याएं कीं, वह उसके दिवंगत भाई सुनील सिंह की ही थी जो अरविंद को ट्रांसफर हुई थी. 

पुलिस एनकाउंटर और रेस्क्यू ऑपरेशन

हत्याओं के बाद आरोपी अपने बच्चों, तीन लाइसेंसी हथियारों और दर्जनों कारतूसों के साथ कमरे में बंद हो गया. जब पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत दरवाजा तोड़ा, तो अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस की आत्मरक्षक जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. फिलहाल, इस वारदात से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है. 

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