नेपाल और पहाड़ों पर भारी बारिश से पीलीभीत में बाढ़ का कहर, 35 से अधिक गांव जलमग्न, शहर में कचहरी से लेकर कलेक्ट्रेट तक पानी-पानी

नेपाल और पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बनबसा और डियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद पीलीभीत की नदियां उफान पर हैं. जिले के 35 से अधिक गांवों और शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

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यूपी के पीलीभीत में बाढ़ का खतरा बढ़ा (Photo- ITG) यूपी के पीलीभीत में बाढ़ का खतरा बढ़ा (Photo- ITG)

सौरभ पांडे

  • पीलीभीत ,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:19 AM IST

पहाड़ों और नेपाल में लगातार हो रही बरसात के बाद बनबसा और डियूनी बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण पीलीभीत जिले में शारदा, देवहा और खकरा नदियां विकराल रूप धारण कर उफान पर हैं. इस प्राकृतिक आफत से जिले के 35 से अधिक गांव और शहर के प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जलभराव और जन्माष्टमी के कारण सभी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं. लेखपालों और अधिकारियों की प्रशासनिक टीमें ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जायजा ले रही हैं, वहीं प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन और राहत सामग्री का प्रबंध किया जा रहा है.

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शहर और सरकारी दफ्तर बने ताल-तलैया

बाढ़ का पानी शहर के भीतर तक दस्तक दे चुका है. जिला कारागार मार्ग, कलेक्ट्रेट, कचहरी, जजी परिसर, विकास भवन, पुलिस लाइन और पीएम हाउस रोड जलमग्न हैं. सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पानी इतना ज्यादा है कि पीएम हाउस रोड पर डेड बॉडी ले जा रही एम्बुलेंस तक फंस गई. जजेस परिसर में वकीलों के चैंबरों में पानी भर जाने से महिला अधिवक्ताओं को बैठने की जगह ढूंढनी पड़ रही है और फाइलों तक पहुंचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीण इलाकों में आफत और राहत कार्य

पूरनपुर तहसील के शारदा पार स्थित कई गांवों के निचले इलाकों और घरों में बीते दो दिनों से पानी भरा हुआ है. हालांकि, चंदिया हजारा और शास्त्री नगर में देर रात पानी उतरने के बाद आवागमन बहाल हो सका है. कम्युनिटी किचन के माध्यम से 300 प्रभावित परिवारों को घर-घर जाकर 900 फूड पैकेट बांटे गए हैं. राणा प्रतापनगर और नेहरोसा में राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें नदी का कटान रोकने के लिए युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं, जिससे कटान फिलहाल नियंत्रण में है. प्रशासन पशुओं के लिए शरणालय व चारे का बंदोबस्त कर रहा है.

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जिलाधिकारी ने दिया धैर्य रखने का संदेश

पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बनबसा से करीब 2 लाख क्यूसेक और डियूनी डैम से देवहा में लगभग 31 हजार क्यूसेक पानी आ रहा था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. लगभग 35-36 गांव और शहर के कुछ हिस्से प्रभावित हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. सभी ग्राम प्रधानों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है. राहत और बचाव के लिए भोजन, पशु शरणालय, एसडीआरएफ, एसएसबी और पुलिस बल तैनात हैं. उन्होंने लोगों से पैनिक न होने और किसी भी मदद के लिए कंट्रोल रूम या सीयूजी नंबर पर संपर्क करने की अपील की है. 

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