गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की स्टार रामेश्वरम सोसाइटी में आवारा कुत्तों के झुंड ने सात साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया. बच्ची सोसाइटी परिसर में पैदल घूम रही थी. इसी दौरान अचानक तीन से चार कुत्ते उसकी तरफ दौड़े और देखते ही देखते उसे चारों तरफ से घेर लिया. बच्ची कुछ समझ पाती, इससे पहले ही कुत्ते उस पर टूट पड़े. बच्ची ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ते लगातार उस पर झपटते रहे. हमले के दौरान कुत्तों ने बच्ची को कई जगह काट लिया और उसे घसीटने लगे.
पूरी घटना सोसाइटी में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. सामने आए फुटेज में बच्ची पैदल जाती दिखाई दे रही है. तभी अचानक कुत्तों का झुंड उसकी ओर दौड़ता है. कुत्ते बच्ची को घेर लेते हैं और उस पर हमला शुरू कर देते हैं. कुत्तों के हमले के दौरान बच्ची खुद को बचाने का प्रयास करती रही. वह कुत्तों से बचने की कोशिश करती दिखाई देती है, लेकिन कुत्ते लगातार उस पर झपटते रहे.
इसी दौरान पास में मौजूद एक महिला ने हिम्मत दिखाई और बच्ची को बचाने के लिए कुत्तों को भगाया. महिला के प्रयास के बाद कुत्ते वहां से हटे और बच्ची को बचाया जा सका. अगर महिला समय पर कुत्तों को नहीं भगाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी. हमले के बाद बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया.
हाथ, पैर और कमर पर कुत्तों ने काटा
हमले में बच्ची के हाथ, पैर और कमर पर कुत्तों ने काट लिया. इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी बच्ची को चोटें आईं. कुत्तों के हमले से बच्ची घायल हो गई. घटना के बाद बच्ची के परिवार और सोसाइटी के लोगों में चिंता बढ़ गई. सोसाइटी परिसर में हुई इस घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है.
CCTV फुटेज सामने आने के बाद लोगों को हमले की गंभीरता का अंदाजा हुआ. फुटेज में साफ दिखाई देता है कि बच्ची को कुत्तों का झुंड घेर लेता है और वह उनसे बचने के लिए संघर्ष करती है. बताया गया है कि बच्ची का परिवार सोसाइटी के बी-603 फ्लैट में रहता है. सात साल की बच्ची सोसाइटी परिसर में पैदल जा रही थी, तभी यह घटना हुई.
घटना के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया. मासूम बच्ची पर हुए इस हमले के बाद सोसाइटी के निवासियों में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि सोसाइटी में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. उनका आरोप है कि इससे पहले भी लोगों के कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
सोसाइटी के निवासियों के मुताबिक, आवारा कुत्तों का झुंड लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों को पहले भी कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना करना पड़ा है. ग्रामीणों और सोसाइटीवासियों की चिंता अब सात साल की बच्ची पर हुए हमले के बाद और बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि अगर सोसाइटी परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या बनी रही तो बच्चों और दूसरे लोगों के लिए खतरा बना रहेगा. निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर शिकायतें भी की गई हैं. इसके बावजूद नगर निगम की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
CCTV ने सामने लाई पूरी वारदात
इस घटना में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण है. कैमरे में रिकॉर्ड हुई तस्वीरों में बच्ची अकेली पैदल जाती दिखाई देती है. कुछ ही देर बाद कुत्तों का झुंड उसकी तरफ आता है और उसे घेर लेता है. इसके बाद कुत्ते बच्ची पर हमला करते हैं. बच्ची खुद को बचाने की कोशिश करती है. कुत्ते लगातार उस पर झपटते रहते हैं और उसे जमीन पर घसीटते दिखाई देते हैं. घटना के दौरान पास में मौजूद महिला आगे आती है और कुत्तों को भगाने की कोशिश करती है. महिला के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को कुत्तों के चंगुल से बचाया जा सका.
इस पूरी घटना ने सोसाइटी के लोगों को झकझोर दिया है. लोगों का कहना है कि सोसाइटी में बच्चों के आने-जाने के दौरान आवारा कुत्तों का खतरा बना रहता है. सात साल की बच्ची पर हुए हमले के बाद सोसाइटी के लोगों ने आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. निवासियों का कहना है कि समस्या को अब नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. लोगों का कहना है कि सोसाइटी में आवारा कुत्तों की संख्या और उनके हमलों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
निवासियों की मांग है कि आवारा कुत्तों को लेकर प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि सोसाइटी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके. खासकर बच्चों को लेकर लोगों की चिंता ज्यादा है. मासूम बच्ची पर कुत्तों के झुंड के हमले के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों में दहशत के साथ आक्रोश भी है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आगे कोई बड़ी घटना हो सकती है.
निवासियों के मुताबिक, आवारा कुत्तों की समस्या केवल एक दिन की नहीं है. पहले भी कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आती रही हैं. अब सात साल की बच्ची पर हुए हमले ने इस समस्या को फिर सामने ला दिया है. इस घटना में बच्ची को हाथ, पैर और कमर समेत शरीर के कई हिस्सों पर कुत्तों ने काटा. CCTV में कैद इस हमले के बाद लोगों की मांग है कि आवारा कुत्तों को लेकर तत्काल कदम उठाए जाएं.
फिलहाल इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों का कहना है कि बच्चों और अन्य निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है. उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद अगर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में किसी बड़ी घटना का खतरा बना रहेगा.
मयंक गौड़