दुधवा नेशनल पार्क में 4 बाघों की मौत से हड़कंप, CM योगी ने मांगी जांच रिपोर्ट

दुधवा नेशनल पार्क में हो रही बाघों और अन्य जानवरों की मौत के मामले सामने आने पर सीएम योगी ने जांच के आदेश दिए हैं. वन मंत्री का कहना है कि बाघ की मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.

Advertisement
दुधवा नेशनल पार्क में चार बाघों की मौत, सीएम ने मांगी जांच रिपोर्ट. दुधवा नेशनल पार्क में चार बाघों की मौत, सीएम ने मांगी जांच रिपोर्ट.

aajtak.in

  • लखीमपुर,
  • 11 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

यूपी के लखीमपुर खीरी जनपद में स्थित संरक्षित वन क्षेत्र दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park) में बीते 45 दिनों में 4 बाघों की मौत हो गई है. इस मामले को संज्ञान में लेते हुए यूपी के सीएम योगी योगी आदित्यनाथ ने राज्य के वन मंत्री, अपर मुख्य सचिव वन एवं वन विभाग सहित अन्य अधिकारियों को तत्काल दुधवा नेशनल पार्क जाकर विस्तृत जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.  

Advertisement

यूपी के वन मंत्री अरुण सक्सेना का कहना है कि आज बाघ का जो शव मिला है उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हालांकि, पीएम रिपोर्ट सामने नहीं आई है. अंदेशा है कि दूसरे बाघ या किसी अन्य जानवर से हिंसक झड़प होने के बाद बाघ की मौत हो गई हो. उसकs शव में कीड़े पड़ गए थे.

लापरवाही सामने आने पर होगा सख्त एक्शन: वन मंत्री

वहीं, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन की लापरवाही को सवाल पूछा गया तो वन मंत्री बोले फिलहाल किसी तरह की लापरवाही की बात सामने नहीं आई है. जांच की जा रही है यदि किसी की लापरवाही नजर आती है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. लापरवाही करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ इसका संज्ञान लिया है.

देखें वीडियो...

बीमार होने के कारण पानी नहीं पी पाते जानवर: वन मंत्री

Advertisement

वहीं, वन मंत्री से पूछा गया कि पानी नहीं मिलने के कारण जानवरों की मौत होने की बात भी सामने आई है. उसका जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि जानवर बीमार होने के कारण पानी के सोर्स के पास जा नहीं पाता और उसकी मौत हो जाती है. जंगल में पानी की कोई कमी नहीं है.

बाघ का शव भेजा गया बरेली: क्षेत्र निदेशक बी. प्रभाकर

डीटीआर के क्षेत्र निदेशक बी. प्रभाकर ने कहा है कि बाघ की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए बाघ के शव को बरेली में आईवीआरआई भेजा गया है. डीटीआर के किशनपुर अभयारण्य के मैलानी रेंज में शुक्रवार को मृत पाए गए छह वर्षीय नर बाघ सहित चार बाघों की 21 अप्रैल से लेकर अब तक अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है. 

अप्रैल से अब तक चार बाघों की मौत

- दुधवा बफर जोन में 21 अप्रैल से एक-दो साल के नर बाघ की मौत की घटना सामने आई थी. अधिकारियों का कहना था कि बाघ ने कोई नुकीली हड्डी खा ली हो, जिससे पेट में अंदरूनी चोटें लगीं और उसकी मौत हो गई हो.

- 31 मई को दुधवा बफर जोन के उत्तरी निघासन रेंज में एक चार वर्षीय नर बाघ की मौत हो गई थी. अधिकारियों ने कहा कि इसकी मौत आपसी कलह के कारण इसके श्वासनली में पंचर घाव के कारण हुई थी.

Advertisement

- 3 जून को दुधवा बफर जोन के एक गांव में वन अधिकारियों और ग्रामीणों की आंखों के सामने दो साल की बाघिन की मौत हो गई थी. बताया गया था कि बाघिन के कुत्ते और पंजे क्षतिग्रस्त हो गए.

- 2 जून को किशनपुर अभ्यारण्य के मैलानी रेंज के एक तालाब से छह- सात साल के नर बाघ का शव बरामद किया गया. अधिकारियों ने बाघों की आपसी लड़ाई में मौत होने का अंदेशा जताया था.

( इनपुट - आशीष श्रीवास्तव )

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »