बिजनौर से मुरादाबाद और बरेली से फर्रुखाबाद तक खतरे की घंटी! पश्चिमी यूपी के 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी

पहाड़ों में लगातार बारिश से बिजनौर के कालागढ़ स्थित रामगंगा बांध का जलस्तर बढ़ गया है. जलस्तर 364 मीटर के पार पहुंचने पर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा सकता है. इसे देखते हुए बांध प्रशासन ने बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों को चेतावनी पत्र भेजकर अलर्ट जारी किया है.

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बिजनौर के रामगंगा बांध से छोड़ा जाएगा भारी मात्रा में पानी (Photo: ITG) बिजनौर के रामगंगा बांध से छोड़ा जाएगा भारी मात्रा में पानी (Photo: ITG)

संजीव शर्मा

  • बिजनौर ,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST

Uttar Pradesh Rain-Flood: पहाड़ों में लगातार बारिश और बिजनौर के रामगंगा बांध के बढ़ते जलस्तर ने मैदानी इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है. कालागढ़ स्थित रामगंगा बांध प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए बिजनौर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों के जिलाधिकारियों को चेतावनी पत्र भेजकर अलर्ट जारी किया है. बांध प्रशासन ने साफ किया है कि जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जाने की स्थिति में बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ सकती है. 

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खोलने पड़ सकते हैं बांध के गेट

25 सितंबर को रामगंगा बांध मंडल, कालागढ़ के अधिशासी अभियंता की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, सुबह 8 बजे रामगंगा जलाशय का जलस्तर 358.530 मीटर दर्ज किया गया था. पत्र में बताया गया है कि जलाशय का जलस्तर 364.00 मीटर से अधिक होने की स्थिति में गेट खोलकर जल निकासी किया जाना प्रस्तावित है. 

इन 7 जिलों में अलर्ट

बांध प्रशासन ने संभावित जल निकासी से प्रभावित होने वाले बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक सतर्कता बरतने को कहा है. यही सात जिले रामगंगा नदी के आगे के प्रवाह क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं. पूर्व में भी रामगंगा बांध से पानी छोड़े जाने के दौरान इन जिलों को अलर्ट किया जाता रहा है. 

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की संभावना

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पत्र में मौसम संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर रामगंगा जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र और पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना है. बारिश के चलते जलाशय में पानी की आवक बढ़ सकती है और जलस्तर तेजी से ऊपर जाने की आशंका है.

जिलों को सारी तैयारियां रखने के निर्देश

बांध प्रशासन ने अधिकारियों को संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं. खास तौर पर नदी के बहाव क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पानी छोड़े जाने से पहले सूचना देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया गया है. कालागढ़ से निकलने वाला रामगंगा का पानी बिजनौर जिले के क्षेत्र से होकर आगे बढ़ता है. 

नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी

सरकारी जानकारी के मुताबिक,  कालागढ़ से करीब 26 किलोमीटर बहने के बाद रामगंगा का पानी बिजनौर जिले के हरेवली बैराज तक पहुंचता है. इसके बाद रामगंगा की धारा आगे मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर सहित  और अन्य जिलों की ओर बढ़ती है. इसलिए बांध में जलस्तर बढ़ने और संभावित जल निकासी को लेकर बिजनौर के रामगंगा तटवर्ती क्षेत्रों में भी सतर्कता जरूरी हो गई है.

बाढ़ की पूर्व चेतावनी

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पत्र में ये संभावित जल निकासी और बाढ़ की पूर्व चेतावनी के तौर पर बताया गया है. बांध की क्षमता 365.300 मीटर है. ऐसे में जलस्तर 364 मीटर से ऊपर जाने पर गेट खोलकर पानी की निकासी करने की बात कही गई है. पहाड़ों में बारिश और बांध में पानी की आवक पर अब प्रशासन की नजर है. आने वाले दिनों में यदि जलस्तर तेजी से बढ़ता है तो रामगंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है.  

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