उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है. इसमें उन्होंने पूर्वजों के प्रति सम्मान और अपनी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर जोर दिया. इसी पाती में सीएम योगी ने आगरा किले में कैद शाहजहां और उनके बेटे औरंगजेब से जुड़ा प्रसंग भी सुनाया है.
सीएम योगी ने कहा कि आगरा किले में औरंगजेब ने अपने जीवित पिता शाहजहां को पानी के लिए तरसाया था. योगी ने कहा कि शाहजहां ने पत्र में सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा था कि यहां तो दिवंगतों को भी जल दिया जाता है.
विरासत को सिर्फ याद न करें, आचरण में उतारें- CM योगी
मुख्यमंत्री ने पितृ पक्ष को अतीत से भविष्य को जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि बताया. उन्होंने कहा कि यह अपने पूर्वजों के तप, त्याग और योगदान को याद करने का पर्व है. सीएम योगी ने लोगों से अपनी विरासत को सिर्फ याद करने के बजाय उसे आचरण में उतारने की अपील की.
उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने हमें जो दिया है, उसे संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों को उससे अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है. मुख्यमंत्री ने लोगों से घर के बुजुर्गों का सम्मान करने का भी आह्वान किया.
गौरतलब है कि इस साल पितृ पक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है. पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं.
संचारी रोगों को लेकर भी CM योगी की अपील
सीएम योगी ने अपनी पाती में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 से 31 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा, जबकि 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान संचालित होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी यूपी से इंसेफेलाइटिस का खात्मा जनभागीदारी के जरिए संभव हुआ है. उन्होंने लोगों से स्वच्छता अपनाने और घर के आसपास जलभराव नहीं होने देने की अपील की. साथ ही कहा कि बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है.
आशीष श्रीवास्तव