उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में पुश्तैनी मकान को लेकर एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. भरतकूप थाना क्षेत्र के भरथौल गांव में 60 वर्षीय शिवप्रकाश विश्वकर्मा की लाठी और पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. परिजनों का आरोप है कि बड़े भाई बोधीलाल ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया, क्योंकि वह शिवप्रकाश के पुश्तैनी मकान पर कब्जा करना चाहता था.
बताया जा रहा है कि शिवप्रकाश अपनी पत्नी की मौत के बाद पुश्तैनी मकान में अकेले रहते थे. उनकी तीन बेटियां हैं और तीनों की शादी हो चुकी है. परिवार के मुताबिक, शिवप्रकाश के पास करीब 12 बीघा जमीन और एक मकान था. आरोप है कि उनके अकेले रहने का फायदा उठाकर बड़े भाई बोधीलाल और उसके बेटे ने संपत्ति हथियाने की योजना बनाई.
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परिजनों के मुताबिक, घटना के दिन शिवप्रकाश बाहर से अपने घर लौटे थे और मकान की साफ-सफाई कर रहे थे. तभी बोधीलाल, उसकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि पिता-पुत्र शिवप्रकाश को उनके कमरे से खींचकर बाहर लाए और लाठियों से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. इसके बाद बड़े पत्थर से सिर और चेहरे पर हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए.
कमरे से खींचकर बाहर लाए, लाठी-पत्थर से किया हमला
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले. गंभीर रूप से घायल शिवप्रकाश को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.
शिवप्रकाश की बेटी संगीता देवी की तहरीर पर भरतकूप थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया. इसमें ताऊ बोधीलाल और उसके बेटे गुलाबचंद्र को नामजद किया गया. परिवार की ओर से बोधीलाल की पत्नी छत्तीसन उर्फ अमृता और बड़े बेटे हरीशंकर के भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.
परिजनों के मुताबिक, पांच भाइयों में चंद्रशेखर, भोला, बोधीलाल, शिवप्रसाद और शिवप्रकाश थे. इनमें चंद्रशेखर और भोला की पहले ही मौत हो चुकी है. परिवार का आरोप है कि शिवप्रकाश के पास मौजूद जमीन और मकान को लेकर विवाद चल रहा था. बोधीलाल चाहता था कि उसका छोटा भाई पुश्तैनी मकान छोड़कर अपनी खरीदी हुई जमीन पर जाकर रहे, ताकि मकान पर उसका कब्जा हो सके.
पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव, फांसी की मांग
पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से नाराज मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शिवप्रकाश का शव मुख्य सड़क पर रख दिया. परिवार और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे थे. इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया और मौके पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे.
क्षेत्राधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिलाया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. परिवार की मांग थी कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शिवप्रकाश अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद अकेले रहते थे. उनकी तीन बेटियां थीं, जिनकी शादी हो चुकी है. वह अपने पुश्तैनी मकान में रह रहे थे और उनके पास करीब 12 बीघा खरीदी हुई जमीन भी थी. पुलिस के मुताबिक, बड़ा भाई चाहता था कि शिवप्रकाश पुश्तैनी मकान में न रहें और अपनी जमीन पर जाकर रहें.
पुलिस ने भाई और भाभी को पकड़ा, बेटा अभी फरार
एसपी के मुताबिक, घटना वाले दिन शिवप्रकाश बाहर से लौटकर अपने घर की साफ-सफाई कर रहे थे. इसी दौरान उनके बड़े भाई बोधीलाल, उसकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ मारपीट की. हमले में शिवप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पुलिस ने मृतक की बेटी की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार, बोधीलाल और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उनका बेटा गुलाब अभी फरार है. उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. एक तरफ 60 वर्षीय शिवप्रकाश की हत्या से परिजन सदमे में हैं, तो दूसरी ओर पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर सामने आए विवाद ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है. परिजन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं. पुलिस फरार आरोपी को पकड़ने के प्रयास में जुटी है.
अखिलेश कुमार सोनकर