उत्तर प्रदेश के बरेली में सावन के महीने के दौरान चिकन और बिरयानी की दुकानों को लेकर कार्रवाई का मामला सामने आया है. बहेड़ी कस्बे में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार एक चिकन-बिरयानी की दुकान पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई. हालांकि पुलिस ने इसे धार्मिक आधार पर कार्रवाई से इनकार करते हुए नगर पालिका की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान बताया है.
जानकारी के मुताबिक बहेड़ी थाना क्षेत्र में मुंडिया गली के सामने स्थित एक चिकन शॉप पर बिरयानी और चिकन बेचे जाने की सूचना पुलिस को मिली थी. सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुकान की जांच की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. मौके से बिरयानी और चिकन की बिक्री से जुड़े सामान को भी कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई है.
बुलडोजर कार्रवाई से दहशत में अतिक्रमण करके दुकान लगाने वाले दुकानदार
इससे पहले भी इसी इलाके में एक बिरयानी की दुकान पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी. लगातार दो दिनों में हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद बहेड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई अतिक्रमण के खिलाफ की गई है.
बहेड़ी के क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि सावन महीने में कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए कांवड़ मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. नगर पालिका की टीम पुलिस के सहयोग से सड़क और नगर पालिका की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटा रही है. उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
सीओ के मुताबिक कांवड़ यात्रा वाले मार्ग पर चिकन और बिरयानी की दुकानें बंद रखने के संबंध में पहले ही निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसी को भी इलाके का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.
कृष्ण गोपाल राज