उत्तर प्रदेश के बिजनौर में धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज और बिना अनुमति लगाए गए लाउडस्पीकर को लेकर पुलिस ने अभियान चलाया. इसको लेकर जिलेभर में धार्मिक स्थलों से 622 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए गए. पुलिस का यह विशेष अभियान अभी दो दिन और चलेगा.
अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दूसरे दिन कई जगहों से लाउडस्पीकर उतरवाए गए. कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा लाउडस्पीकर चांदपुर सर्किल में उतारे गए, जहां कुल 335 धार्मिक स्थलों पर ये कार्रवाई हुई. चांदपुर थाना क्षेत्र में 84, नूरपुर में 101, हीमपुर दीपा में 91 और शिवाला कला थाना क्षेत्र में 59 लाउडस्पीकर उतरवाए गए हैं.
वहीं, धामपुर के कस्बा में एक स्थान पर एक साथ चार लाउडस्पीकर लगे मिले, जिन्हें पुलिस ने उतरवा दिया. इसी तरह निंदरू में लगे दो-दो लाउडस्पीकर भी हटाए गए. पुलिस ने उतरवाए गए लाउडस्पीकर कब्जे में ले लिए हैं.
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पुलिस का कहना है कि जिन धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर अनुमति के अनुसार लगे हैं, उन्हें भी तय मानकों के हिसाब से आवाज रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर तय सीमा से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया तो वहां भी कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल, जेल के निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने पास में स्थित धार्मिक स्थल से आने वाली लाउडस्पीकर की तेज आवाज सुनी थी. इसके बाद एसपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए तेज आवाज में बजने वाले और बिना अनुमति लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ चार दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए.
एसपी के. बिश्नोई के मुताबिक, ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने और कोर्ट के निर्देशों का पालन कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय सीमा के अनुसार ही रखनी होगी. कोर्ट द्वारा लाउडस्पीकर बजाने के लिए आवाज के डिसेबल निर्धारित किए हुए हैं, उन्हीं के अनुसार आवाज रहनी चाहिए.
संजीव शर्मा