उत्तर प्रदेश के बांदा में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच दो दर्दनाक हादसे सामने आए हैं. बबेरू तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कच्ची दीवार गिरने से दो महिलाओं की दबकर मौत हो गई. घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है.
पहला हादसा सिमौनी गांव में हुआ. यहां 68 वर्षीय प्यारी घर में सो रही थीं. इसी दौरान पड़ोसी के घर की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई. महिला मलबे के नीचे दब गईं. परिजनों ने घटना देखी तो आनन-फानन में उन्हें मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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वहीं, दूसरी घटना मर्का थाना क्षेत्र के बैरफ गांव की है. यहां 60 वर्षीय महदेइया के ऊपर घर की कच्ची दीवार अचानक गिर गई. मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया.
पोस्टमार्टम के बाद मिलेगा मुआवजा
पुलिस और प्रशासन की ओर से दोनों हादसों में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार मुआवजे की राशि जारी की जाएगी.
बांदा में इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. जिले में चारों तरफ पानी दिखाई दे रहा है. भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट भी जारी किया है. प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और जर्जर व कच्चे मकानों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.
ADM वित्त कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि जिले में इन दिनों भारी मात्रा में बारिश हो रही है. जहां से भी जलभराव या बारिश से जुड़ी शिकायतें मिलती हैं, वहां राजस्व विभाग की टीम तत्काल भेजी जाती है और नियमानुसार कार्रवाई कराई जाती है. दोनों मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
24 घंटे में परिवारों को मिलेगी राहत
ADM वित्त कुमार धर्मेंद्र के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजे की राशि पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि दोनों मामलों में विभागीय अधिकारी पुलिस के साथ मिलकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं.
लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों और जर्जर दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ गया है. बांदा प्रशासन जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए है और शिकायत मिलने पर राजस्व टीमों को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. इन दो हादसों ने एक बार फिर भारी बारिश के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सिद्धार्थ गुप्ता