एक ही जमीन के कागज पर हजार अपराधियों की जमानत, बांदा पुलिस ने मास्टरमाइंड शिव स्वरूप को दबोचा

बांदा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपराधियों को जेल से बाहर निकालने वाले गैंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, गैंग ने एक ही खतौनी का इस्तेमाल कर 1000 से ज्यादा आरोपियों की जमानत कराई. पुलिस ने सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर को गिरफ्तार कर लिया है और अब गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती की तैयारी है.

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पुलिस के रडार पर पूरा नेटवर्क.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG) पुलिस के रडार पर पूरा नेटवर्क.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में अपराधियों को जेल से बाहर निकालने के लिए चल रहे एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसे जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए. यहां एक गैंग फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपराधियों की जमानत कराने का काम कर रहा था. जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि एक ही खतौनी का इस्तेमाल कर 1000 से ज्यादा अपराधियों की जमानत ली जा चुकी थी.

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पुलिस के मुताबिक, यह पूरा खेल आर्थिक लाभ के लिए चलाया जा रहा था. गैंग के सदस्य फर्जी दस्तावेज तैयार करते और फिर इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जेल में बंद आरोपियों की जमानत कराते थे. इस तरीके से कई अपराधियों को जेल से बाहर निकलने में मदद की गई. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो फर्जीवाड़े की परतें एक-एक करके खुलती चली गईं.

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इस मामले में पुलिस ने गैंग के सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गैंग बनाकर एक ही खतौनी के जरिए हजार से ज्यादा आरोपियों की जमानत ली. आरोपी के खिलाफ पहले से 7 मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की और इसके बाद जेल भेज दिया है. अब इस पूरे गैंग से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है.

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एक खतौनी से हजार से ज्यादा जमानत

दरअसल, बांदा जिले में फर्जी दस्तावेज लगाकर अपराधियों की जमानत कराने का खेल काफी समय से चल रहा था. अलग-अलग मामलों में जब इस तरह के फर्जी दस्तावेज पुलिस की नजर में आए तो अधिकारियों को शक हुआ. कई मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि जमानत के लिए बार-बार एक ही खतौनी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए टीम गठित की. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने फर्जी जमानत के इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ होने लगी. पुलिस ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो पता चला कि एक ही जमीन की खतौनी को अलग-अलग मामलों में जमानत के लिए इस्तेमाल किया गया था.

पुलिस के मुताबिक, इसी एक खतौनी के जरिए 1000 से ज्यादा आरोपियों की जमानत कराई जा चुकी थी. यानी जिस दस्तावेज का इस्तेमाल किसी एक व्यक्ति की जमानत में होना चाहिए था, उसी दस्तावेज को बार-बार अलग-अलग अपराधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. इस खुलासे ने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया.

पैसों के लिए अपराधियों को जेल से निकालने का खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक लाभ के लिए इस पूरे गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे. गैंग के लोग अपराधियों और उनके परिजनों से संपर्क करते और जमानत कराने के नाम पर पैसे लेते थे. इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत की प्रक्रिया पूरी कराने का खेल चलता था.

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जांच के दौरान पुलिस को ऐसे कई मामले मिले, जिनमें फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अपराधियों की जमानत कराई गई थी. इसके बाद पुलिस ने इस नेटवर्क के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने शुरू किए और आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी. पुलिस के मुताबिक, गैंग के कई सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंग के कथित सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, शिव स्वरूप इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और एक ही खतौनी का इस्तेमाल कर 1000 से ज्यादा आरोपियों की जमानत कराने में उसकी भूमिका सामने आई है. उसके खिलाफ पहले से 7 मुकदमे दर्ज हैं.

सरगना गिरफ्तार, अब संपत्ति पर होगी कार्रवाई

डिप्टी SP सौरभ सिंह ने बताया कि चिल्ला थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज लगाकर अपराधियों की जमानत लेने वाले गैंग के सरगना शिव स्वरूप को गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी तरीके से गैंग बनाकर एक ही दस्तावेज के आधार पर अलग-अलग अपराधियों की जमानत कराने का काम कर रहा था.

पुलिस अब आरोपी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग में कितने लोग शामिल थे, किन-किन अपराधियों को इस तरीके से जमानत दिलाई गई और अब तक इस फर्जीवाड़े से कितनी रकम कमाई गई. साथ ही उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उन्हें इस्तेमाल करने में मदद की.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदा के एसपी पलाश बंसल ने पूरे गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब गैंग से जुड़े आरोपियों की संपत्ति की जानकारी जुटा रही है. गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.

पुलिस के रडार पर पूरा नेटवर्क

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब फर्जी जमानत के इस नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि एक ही खतौनी का इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कैसे किया गया और दस्तावेजों की जांच के दौरान यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक कैसे चलता रहा.

जांच में यह भी अहम होगा कि इस नेटवर्क ने किन-किन गंभीर अपराधों में आरोपी रहे लोगों को जमानत दिलाई. पुलिस उन सभी मामलों की भी पड़ताल कर रही है, जिनमें संदिग्ध दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ. इससे फर्जी जमानत कराने वाले नेटवर्क के पूरे दायरे का पता चल सकता है.

फिलहाल, गैंग का कथित सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर पुलिस की गिरफ्त में है और उसे जेल भेज दिया गया है. पुलिस की जांच जारी है. एक ही खतौनी से 1000 से ज्यादा आरोपियों की जमानत कराने का यह मामला बांदा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए चल रहे संगठित अपराध के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है. अब पुलिस की नजर इस गैंग से जुड़े बाकी लोगों और उनकी अवैध संपत्तियों पर है.

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