10 दिन तक हवा-पानी से डरता रहा, 11वें दिन थम गई सांसें, मौत का खौफनाक वीडियो

बागपत में कुत्ते के काटने के करीब एक महीने बाद किशोर साहिल की रेबीज से मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, कुत्ते ने उसके सिर में काटा था, लेकिन समय पर इलाज नहीं कराया गया. बाद में वह हवा और पानी से डरने लगा और मुंह से लार टपकने लगी. उसकी हालत का वीडियो भी सामने आया है.

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रेबीज से नाबालिग की मौत. (Photo: Screengrab) रेबीज से नाबालिग की मौत. (Photo: Screengrab)

मनुदेव उपाध्याय

  • बागपत,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

उत्तर प्रदेश के बागपत में कुत्ते के काटने के बाद इलाज में हुई लापरवाही का दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां के केतीपुरा मोहल्ले में रहने वाले किशोर साहिल की रेबीज से मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले एक स्ट्रीट डॉग ने साहिल के सिर में काट लिया था. हालांकि, परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और समय पर जरूरी इलाज नहीं कराया.कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है, लेकिन साहिल के मामले में ऐसा नहीं हुआ. कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसमें रेबीज से जुड़े गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे. परिवार को जब तक स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ, तब तक उसकी हालत काफी खराब हो चुकी थी.

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परिजनों के मुताबिक, साहिल की हालत बिगड़ने के साथ उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव आने लगे थे. वह हवा और पानी से डरने लगा था. उसके मुंह से लगातार लार टपक रही थी और पानी सामने आने पर वह उसे हटाने के लिए चिल्लाता था. करीब 10 दिन तक साहिल इसी तरह के गंभीर लक्षणों से जूझता रहा. उसकी हालत देखकर परिवार के लोग परेशान हो गए. इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी ले जाया गया.

हवा और पानी से डरने लगा था साहिल

रेबीज के गंभीर लक्षण सामने आने के बाद साहिल की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी. परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचने पर उसकी हालत में सुधार होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई. मौत से पहले की हालत का वीडियो आया सामने साहिल की मौत से पहले की हालत का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें वह पानी से दूर भागता और घरवालों से पानी हटाने के लिए चिल्लाता दिखाई दे रहा है. वीडियो में उसकी हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह किस तरह की परेशानी से गुजर रहा था.

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परिवार की ओर से सामने आए इस वीडियो ने कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज नहीं कराने के खतरनाक नतीजे को सामने ला दिया है. साहिल के मामले में कुत्ते के काटने के बाद जरूरी उपचार नहीं कराया गया. इसके बाद उसमें रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे. परिजनों के मुताबिक, साहिल की हालत करीब 10 दिन तक खराब रही. इस दौरान वह हवा और पानी से डरने लगा था और उसके मुंह से लार टपक रही थी. जब उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी.

साहिल की बहन फिरदौस ने बताया कि करीब एक महीने पहले एक स्ट्रीट डॉग ने उसके भाई के सिर में काट लिया था. परिवार ने उस समय इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और जरूरी इलाज नहीं कराया. फिरदौस के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले साहिल की हालत बिगड़ने लगी थी. वह हवा और पानी से डरने लगा था. उसके मुंह से लार टपक रही थी. पानी सामने आने पर वह उसे हटाने के लिए चिल्लाता था. फिरदौस ने बताया कि साहिल को जब अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे कुछ वैक्सीन भी लगाईं. हालांकि, अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज नहीं कराने की कीमत साहिल को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.

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सीएचसी अधीक्षक विभाष राजपूत ने बताया कि एक महिला के साथ किशोर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था. किशोर को हवा और पानी से डर लग रहा था. उसके मुंह से लार भी टपक रही थी. विभाष राजपूत के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि किशोर को कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसके बाद कोई इलाज नहीं कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, किशोर की मौत रेबीज के कारण हुई.स्वास्थ्य केंद्र की ओर से परिवार के अन्य सदस्यों को भी एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि कुत्ते के काटने को कभी भी हल्के में न लें और ऐसी घटना होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें.

कुत्ते के काटने पर लापरवाही पड़ सकती है भारी

साहिल की मौत ने एक बार फिर कुत्ते के काटने के बाद समय पर इलाज कराने की जरूरत को सामने ला दिया है. इस मामले में परिजनों के मुताबिक, कुत्ते ने साहिल के सिर में काटा था, लेकिन परिवार ने तुरंत जरूरी उपचार नहीं कराया. बाद में उसमें रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई दिए और उसकी जान चली गई. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते या किसी अन्य संक्रमित जानवर के काटने के बाद देरी न करें. तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें और डॉक्टर के निर्देश के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स कराएं. साहिल के मामले में परिवार को कुत्ते के काटने के बाद खतरे का अंदाजा नहीं था. लेकिन जब हवा और पानी से डरने जैसे गंभीर लक्षण सामने आए, तब तक स्थिति बिगड़ चुकी थी. डॉक्टरों की सलाह है कि कुत्ते के काटने के बाद लक्षणों का इंतजार करने के बजाय तुरंत इलाज कराना चाहिए.
 

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