आजमगढ़ के कादीपुर गांव में 4 सितंबर को अचानक पुलिस की गाड़ियां पहुंचीं. पुलिस फोर्स ने एक जगह छापेमारी शुरू कर दी. देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुटने लगी. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है? फिर सामने आया कि पुलिस को यहां कथित धर्मांतरण की सूचना मिली थी.
मामला रौनापार थाना क्षेत्र का है. पुलिस को सूचना मिली थी कि कादीपुर गांव में एक जगह पर बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा किया गया है. आरोप था कि यहां धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं. सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी कर दी.
पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. मौके पर कई दर्जन लोग मौजूद थे. इनमें ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने लगी.
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छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी सामग्री भी मिली, जिसे पुलिस ने आपत्तिजनक बताया है. इसके बाद मामले को और गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर कथित तौर पर धर्मांतरण कार्यक्रम संचालित करने का आरोप है.
आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पांच लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. पुलिस के सामने बड़ा सवाल यही है कि आखिर कादीपुर में उस जगह पर चल क्या रहा था? वहां इतने लोगों को किस मकसद से बुलाया गया था? क्या वाकई धर्म परिवर्तन से जुड़ी कोई गतिविधि चल रही थी? अगर चल रही थी, तो इसके पीछे कौन लोग थे? क्या यह मामला सिर्फ कादीपुर गांव तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा है?
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए पांच लोगों से पूछताछ कर रही है. जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौके पर मौजूद लोगों को किस मकसद से जुटाया गया था और वहां की असलियत क्या थी.
मामले में विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. संगठन के जिला संयोजक गौरव रघुवंशी ने भी इस घटना को लेकर अपनी बात रखी है. उधर, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राजीव कुमार