अयोध्या का वो सुनसान इलाका... चढ़ावा चोरी के बाद मीटिंग करते थे आरोपी, यहीं होता था पैसों का बंटवारा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक अहम खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंदिर से कथित तौर पर चोरी की गई रकम लेकर आरोपी अयोध्या-लखनऊ हाइवे के किनारे 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के एक सुनसान इलाके में जुटते थे. यहीं आरोपियों की मीटिंग होती थी, चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था और आगे के प्लान पर चर्चा होती थी. पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड के दौरान इसी जगह पर लेकर पहुंची.

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आरोपी अविनाश को लेकर कोसी परिक्रमा मार्ग पर पहुंची थी पुलिस. (Photo: Screengrab) आरोपी अविनाश को लेकर कोसी परिक्रमा मार्ग पर पहुंची थी पुलिस. (Photo: Screengrab)

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 05 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस पूरे खेल की नई-नई परतें खुल रही हैं. अब पुलिस जांच में एक ऐसे सुनसान ठिकाने का पता चला है, जो चोरी करने वाले आरोपियों का मीटिंग पॉइंट था. यही वो जगह थी, जहां मंदिर से चढ़ावे की रकम निकालने के बाद आरोपी पहुंचते थे. यहां बैठकर हिसाब होता था, पैसे बांटे जाते थे और फिर अगली चाल पर चर्चा होती थी.

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह जगह अयोध्या-लखनऊ हाइवे के किनारे 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का एक सुनसान इलाका है. पहली नजर में यह ट्रकों की मरम्मत वाली एक आम-सी जगह लगती है. लेकिन जांच में सामने आया कि कथित तौर पर यहीं पूरे खेल की सबसे अहम बैठक होती थी.

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आरोपी चोरी के बाद सीधे अपने-अपने घर नहीं जाते थे. पहले वे इस सुनसान जगह पर पहुंचते थे. यहां अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और अन्य आरोपी इकट्ठा होते थे. बाद के दिनों में टिन्नू का भतीजा भी कथित तौर पर इन बैठकों का हिस्सा बनने लगा था.

यहीं चोरी की रकम निकाली जाती, उसका हिसाब होता और फिर सबके हिस्से तय किए जाते. पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर बताया कि ज्यादातर रकम बराबर-बराबर बांटी जाती थी. हालांकि, कई बार कुछ लोगों को ज्यादा हिस्सा भी मिलता था. पूरे नेटवर्क में टिन्नू का दबदबा था और उसी की बात सबसे ज्यादा मानी जाती थी.

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पुलिस क्यों पहुंची इसी जगह?

13 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान शनिवार को अयोध्या पुलिस अविनाश शुक्ला को सिर्फ पूछताछ के लिए नहीं घुमा रही थी. पुलिस उस पूरी कहानी को जोड़ रही थी, जो पूछताछ में सामने आई थी. सबसे पहले पुलिस उसे कौशलपुरी स्थित श्याम साधना योग केंद्र लेकर गई. वहां कुछ दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की तलाश की गई.

इसके बाद पुलिस का काफिला सीधे 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के उसी सुनसान इलाके में पहुंचा. पुलिस ने अविनाश से कथित तौर पर उस जगह की निशानदेही कराई, जहां चोरी के बाद आरोपियों की बैठक होती थी. जांच अधिकारी यह समझना चाहते थे कि आरोपी वहां कैसे पहुंचते थे, कितनी देर रुकते थे और रकम का बंटवारा किस तरीके से होता था.

यह भी पढ़ें: अब जमीन पर बैठकर चढ़ावे की काउंटिंग, मोबाइल-बैग-कैमरा पर बैन... राम मंदिर में बदल गए नियम

पूछताछ में सामने आई एक और जानकारी जांच एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने पूछताछ में बताया कि गैंग को पकड़े जाने का डर कम था. वजह थी कि उन्हें भरोसा था कि CCTV फुटेज उनके खिलाफ सबूत नहीं बन पाएंगे. जांच में सामने आया है कि रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू कथित तौर पर बाकी आरोपियों से कहता था- कुछ नहीं होगा... CCTV फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे.

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सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कई बार कंट्रोल रूम तक पहुंचकर CCTV सिस्टम से छेड़छाड़ की. एक-दो मौकों पर फुटेज डिलीट भी कर दिए. हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के लिए जरूरी कई अहम फुटेज सुरक्षित मिल गए हैं और वही अब पूरे केस की सबसे मजबूत कड़ी बन रहे हैं.

चोरी के पैसों से क्या-क्या खरीदा?

पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने यह भी बताया कि चोरी की रकम सिर्फ खर्च नहीं की गई, बल्कि उससे संपत्तियां भी बनाई गईं. पुलिस के मुताबिक, इसी पैसे से एक ब्रेजा कार खरीदी गई. कार उसने अपने भाई के नाम पर खरीदी, क्योंकि वह शिक्षक है और उसे लगा कि इससे किसी को शक नहीं होगा. गांव में मकान बनवाने और भाई को बड़ी रकम देने की बात भी पूछताछ में सामने आई है. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर यह कार भी बरामद कर ली गई.

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सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने पूछताछ के दौरान अविनाश को करीब 45 दिनों की CCTV फुटेज दिखाई. फुटेज में खुद को कथित तौर पर चोरी करते देख वह ज्यादा देर तक इनकार नहीं कर सका और उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली.

अविनाश से पूछताछ के बाद अब पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंच रही है. अदालत से अनुमति मिलने के बाद जांच अधिकारी जेल जाकर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से पूछताछ करेंगे.

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फिलहाल पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ रही है. योग केंद्र से लेकर ब्रेजा कार तक, CCTV से लेकर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के उस सुनसान ठिकाने तक... हर जगह अब इस जांच की कहानी का हिस्सा बन चुकी है. और जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कथित चढ़ावा चोरी कांड की नई परतें सामने आती जा रही हैं.

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