उत्तर प्रदेश पुलिस के 2015 बैच के बर्खास्त आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 1 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन पर नौकरी का प्रस्ताव दिया है. अमेठी जिले के गौरीगंज स्थित प्योर रामसेवक मिश्र के रहने वाले और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात सुनील शुक्ला को जून 2026 में सेवा से हटा दिया गया था.
मई 2026 में उन्होंने ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसों की वसूली और वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किए थे. विभागीय जांच में सबूत पेश न कर पाने, अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन पर यह कार्रवाई हुई.
'काले अंग्रेज' और भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा था हड़कंप
सुनील शुक्ला ने वीडियो जारी कर पुलिस विभाग को 'काले अंग्रेज' द्वारा चलाए जाने और पुलिस लाइन में ड्यूटी के नाम पर वसूली का आरोप लगाया था. इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने 7 मई 2026 को जांच समिति बनाई थी. जांच में आरोप साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जबकि कार्रवाई के बाद सुनील ने कहा कि उन्हें सच बोलने का इनाम मिला है.
नियमों का उल्लंघन और सेवा से बर्खास्तगी
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा और सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन करने पर 28 जून 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें अपने साथ काम करने का बड़ा ऑफर दिया है.
आशीष श्रीवास्तव