अयोध्या से बीमार बहन को लेकर लखनऊ पहुंचा, देखते ही CM योगी का पसीजा दिल, इलाज होते ही भाई की आंखों में आए आंसू

अयोध्या से बीमार बहन को लेकर लखनऊ पहुंचे भाई की फरियाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल पसीज गया. जनता दर्शन में भाई ने बहन के इलाज की गुहार लगाई तो सीएम ने तत्काल उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए. इलाज शुरू होते ही भाई की आंखों में आंसू छलक पड़े. मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक मदद का भरोसा भी दिया.

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अयोध्या से एक भाई अपनी बीमार बहन को लेकर सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया (Photo: ITG) अयोध्या से एक भाई अपनी बीमार बहन को लेकर सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया (Photo: ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

सीएम योगी के पास फरियाद लेकर पहुंचे लोगों के लिए एक ऐसा पल आया, जिसने सभी को भावुक कर दिया. अयोध्या से आए एक भाई ने अपनी बीमार बहन की हालत बताई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना देर किए उसके इलाज की व्यवस्था के निर्देश दे दिए. कुछ ही देर में मरीज को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया और वहां इलाज भी शुरू हो गया.

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बहन की बीमारी, परिवार की आर्थिक परेशानी और लखनऊ में इलाज की जरूरत को लेकर भाई मुख्यमंत्री के सामने पहुंचा था. उसे शायद उम्मीद थी कि आवेदन लिया जाएगा और प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने मामले को तत्काल गंभीरता से लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए. अयोध्या से आए श्याम सोनकर अपनी बहन बबिता को लेकर परेशान थे. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि बबिता पिछले कुछ दिनों से अयोध्या में भर्ती थीं. उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर किया था. परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता इलाज की थी. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लखनऊ में इलाज कराना आसान नहीं था. इसी उम्मीद के साथ श्याम अपनी बहन को लेकर जनता दर्शन में पहुंचे और मुख्यमंत्री के सामने अपनी परेशानी रखी. श्याम ने जैसे ही बहन की बीमारी और डॉक्टरों की सलाह के बारे में बताया, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा. मुख्यमंत्री आवास से ही मरीज को एंबुलेंस के जरिए गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजने की व्यवस्था की गई.

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ इलाज

मरीज के अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसकी जांच और इलाज की प्रक्रिया शुरू कर दी. जिस परिवार के लिए कुछ समय पहले तक लखनऊ में इलाज कराना बड़ी चुनौती लग रहा था, उसके लिए मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद रास्ता खुल गया. मुख्यमंत्री ने परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर सहायता उपलब्ध कराई जाए. जनता दर्शन में मौजूद लोगों के लिए यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी भावुक करने वाला था, क्योंकि एक भाई अपनी बहन की जिंदगी बचाने और उसका इलाज कराने की उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री के सामने आया था. मुख्यमंत्री ने उसकी परेशानी को केवल एक आवेदन की तरह नहीं देखा, बल्कि तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.

बहन के भर्ती होते ही भाई की आंखों में छलक आए आंसू

बबिता के लोहिया अस्पताल में भर्ती होने और इलाज शुरू होने की खबर मिलते ही श्याम सोनकर ने राहत की सांस ली. लंबे समय से बहन की बीमारी को लेकर परेशान श्याम के लिए यह किसी बड़ी चिंता के कम होने जैसा था. अस्पताल में डॉक्टरों को उन्होंने बहन की बीमारी और अब तक हुए इलाज से जुड़ी जानकारी दी. इलाज शुरू होने के बाद श्याम भावुक हो गए. उनकी आंखों से आंसू निकल आए. उन्होंने फोन के जरिए मुख्यमंत्री आवास को इसकी जानकारी दी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया. उनके लिए सबसे बड़ी राहत यही थी कि उनकी बहन को अब इलाज मिल रहा था और परिवार को अकेले इस मुश्किल से नहीं जूझना पड़ेगा. मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. इनमें कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके प्रार्थना पत्रों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले लोगों को उन्होंने भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी के कारण किसी मरीज का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इलाज से जुड़े एस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र लोगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.

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इलाज के लिए पैसे की कमी बाधा नहीं बनेगी

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री की ओर से बार-बार यह भरोसा दिया गया कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के इलाज में आर्थिक समस्या बाधा नहीं बनने दी जाएगी. फरियादियों की बात सुनने के साथ मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए. ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती अक्सर इलाज की लागत और सरकारी सहायता मिलने में लगने वाला समय होती है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा, ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द राहत मिल सके. अयोध्या से आए श्याम सोनकर और उनकी बहन बबिता का मामला भी इसी संवेदनशीलता की एक तस्वीर बनकर सामने आया. भाई की परेशानी सुनने के बाद जिस तरह तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था हुई, उसने जनता दर्शन में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा.

जनता दर्शन का माहौल उस समय और भावुक हो गया, जब एक छोटी बच्ची अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची. मां अपनी समस्या लेकर आई थीं. मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और इसके बाद बच्ची की तरफ ध्यान दिया. मुख्यमंत्री ने बच्ची से बातचीत की, उसे दुलारा और पुचकारा. इसके बाद उन्होंने उसके लिए चॉकलेट मंगाई. मुख्यमंत्री ने जब अपने हाथों से चॉकलेट का रैपर खोलना शुरू किया तो बच्ची के चेहरे पर मुस्कान आ गई. कुछ ही क्षण पहले जो बच्ची गंभीर माहौल में अपनी मां के साथ बैठी थी, वह चॉकलेट देखकर खिलखिला उठी. मुख्यमंत्री और बच्ची के बीच यह छोटा-सा संवाद वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान ले आया.

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