'ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जा रहा', IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का तंज

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार में ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जा रहा. उन्होंने मेरठ पुलिस मामले, महंगाई, रोजगार, स्कूल बंद होने और सरकारी संपत्तियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा.

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दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का तंज. (Photo: PTI/File) दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का तंज. (Photo: PTI/File)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आज के माहौल में ईमानदार अधिकारियों को काम ही नहीं करने दिया जा रहा. भारी भ्रष्टाचार के चलते कई अफसर परेशान हैं और इसी वजह से लोग समय से पहले नौकरी छोड़ रहे हैं. दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दिया, जिसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया पर साझा की है.

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 इस दौरान, अखिलेश यादव ने सत्ता पक्ष की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खुली लूट मची हुई है, वहीं जनता की मुश्किलों का सरकार के पास कोई हल नहीं है. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, बंद होते स्कूलों, चरमराई कानून-व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों को बेचे जाने के मुद्दों पर भी जमकर हमला बोला.

'ईमानदार अधिकारी काम नहीं कर पा रहे'

दिव्या मित्तल के इस्तीफे का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 'इस सरकार में ईमानदार अफसरों का टिकना मुश्किल हो गया है. उन पर इतना दबाव है कि वे रिटायरमेंट से पहले ही नौकरी छोड़ रहे हैं'. उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को बिना किसी डर के काम करने का माहौल मिलना चाहिए. 13 साल की सर्विस के बाद इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने भी अपनी पोस्ट में साफ किया कि पद भले चला गया हो, पर जनता का भरोसा और देश सेवा का सपना हमेशा कायम रहेगा.

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मेरठ पुलिस पर भी उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेरठ की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश ने पुलिस प्रशासन पर सीधा निशाना साधा. दरअसल, किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके चलते एक इंस्पेक्टर को सस्पेंड भी किया जा चुका है. इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पीड़ितों को सीधे अदालत जाने की सलाह दी. साथ ही यह भरोसा भी जताया कि अपनी सरकार बनने पर दोनों को पूरा न्याय और मान-सम्मान मिलेगा. इसके अलावा, इतनी गंभीर चोटें होने के बावजूद मेडिकल जांच में देरी किए जाने को उन्होंने बेहद आपत्तिजनक बताया.

'JPNIC से छतर मंजिल तक सब बेच रही सरकार'

इस दौरान अखिलेश यादव ने सरकारी संपत्तियों को बेचे जाने पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने लखनऊ के JPNIC और ऐतिहासिक छतर मंजिल का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सब कुछ बेचने की तैयारी है. आरोप लगाया कि JPNIC की पार्किंग और कैफे तक से कमाई के रास्ते तलाशे जा रहे हैं. दरअसल, सरकार का यह मॉडल आम जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा बड़े कारोबारियों की जेब भरने के लिए काम कर रहा है.

महिलाओं से खंगार समाज तक बड़े ऐलान

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने खंगार समाज के हक की बात भी उठाई. उन्होंने जाति जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि आबादी के हिसाब से समाज को रोजगार और पूरा सम्मान मिलना चाहिए. यहां तक कि चुनावी मैदान में उतरने पर पार्टी की तरफ से पूरा समर्थन देने का भरोसा भी दिलाया. वहीं महिलाओं के सम्मान का जिक्र करते हुए उन्होंने बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा कि पहले हमारी सरकार में महिलाओं को 500 रुपये दिए जाते थे, लेकिन सत्ता में वापसी होने पर यह रकम बढ़ाकर 40 हजार रुपये की जाएगी. साथ ही बढ़ती महंगाई को लेकर भी उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोला. 

अखिलेश यादव ने बंद पड़े 26 हजार स्कूलों का मुद्दा उठाते हुए ऐलान किया कि हमारी सरकार बनते ही इन्हें फिर शुरू किया जाएगा. भर्तियों के वादे पर घेरते हुए उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी के बाद आचार संहिता लागू होनी है, ऐसे में एक लाख नौकरियां देने की बात सिर्फ दिखावा है. प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी माफिया आकर यहां बेधड़क वारदातें कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने खस्ताहाल सड़कों, जलभराव की समस्या, महंगी चीनी और मिलावटी पेट्रोल को लेकर प्रशासन की नाकामी गिनाई.
 

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