यूपी के आगरा में जुए की सूचना पर पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने और छत से धक्का देने का गंभीर आरोप लगाया है. घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर शव रखकर हंगामा किया और जाम लगा दिया. मामला रकाबगंज थाना क्षेत्र के रावली इलाके का है.
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात करीब एक बजे पुलिस को रावली इलाके में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. इसी दौरान ललित नाम का युवक तीसरी मंजिल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
मृतक के पिता चंदन राजपूत का आरोप है कि पास के एक घर में चार लोग ताश खेल रहे थे. रात करीब 12 बजे पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और सीधे छत पर चले गए. पिता के मुताबिक, तीन लोग भाग गए, जबकि उनका बेटा ललित वहीं रह गया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और पैसे नहीं देने पर उसे छत से नीचे फेंक दिया. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिसकर्मी घायल ललित को अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके से चले गए.
ललित की मौत की खबर मिलते ही परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. लोगों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. विधायक जीएस धर्मेश ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया.
DCP सिटी रविंद्र कुमार के मुताबिक, जुए की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी. पुलिस का कहना है कि ललित भागने के दौरान छत से कूद गया था और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच ACP छत्ता को सौंपी गई है. मामले में सिपाही शिवम राठी और आकाश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है.
मृतक ललित एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर के तौर पर काम करता था. उसके परिवार में दो छोटी बच्चियां हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. अब जांच में स्पष्ट होगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है.
नितिन उपाध्याय