नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. बरामद रकम में 500-500 रुपये के नोटों की 296 गड्डियां शामिल हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की Aura कार भी बरामद की है.
पुलिस के मुताबिक, यह रकम सेक्टर-25 स्थित एक गैराज से चोरी की गई थी. चोरी की शिकायत वासुदेव नाम के व्यक्ति ने थाना सेक्टर-20 में दर्ज कराई थी. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच में एक ऐसी कार सामने आई, जिस पर बदली हुई नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया था. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचकर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अवनीश कुमार को मुख्य आरोपी बताया गया है. पुलिस के अनुसार, अवनीश एक सीए फर्म के जरिए लोगों से निवेश के नाम पर रकम लेता था. वह पिछले करीब एक साल से TPF (Trading Profit Fund) में भी काम कर रहा था.
पुलिस के मुताबिक, अवनीश ने निवेश के लिए लगाया अपना पैसा वापस नहीं मिलने के बाद चोरी की योजना बनाई. आशीष ने इन्वेस्टर उपलब्ध कराने के नाम पर वासुदेव से रकम ली थी. यह रकम सेक्टर-25 स्थित गैराज में रखी गई थी. अवनीश ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर गैराज से कैश चोरी करने की साजिश रची.
चोरी के बाद रकम को अलीगढ़ में अवनीश के भाई नीशू के यहां रखने की बात पुलिस जांच में सामने आई है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी रकम बरामद कर ली.
बरामद रकम की मात्रा काफी अधिक होने के कारण पुलिस अब इस मामले में आयकर विभाग से भी पत्राचार करेगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी रकम किस तरह जुटाई गई थी और इसका निवेश से क्या संबंध था.
डीसीपी साहब मियां खान ने बताया कि वासुदेव ने थाना सेक्टर-20 में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी. जांच में सामने आया कि आरोपी अवनीश का वासुदेव के यहां निवेश था और उसे अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल रहा था. वासुदेव के पास अन्य लोगों द्वारा निवेश के लिए दी गई रकम कैश के रूप में सेक्टर-25 स्थित गैराज में रखी गई थी.
डीसीपी के अनुसार, अवनीश ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर इस रकम को चोरी करने की योजना बनाई. चोरी के बाद कैश को अलीगढ़ में अपने भाई नीशू के यहां रख दिया गया. पुलिस ने करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसके बाद बदली हुई नंबर प्लेट वाली कार का सुराग मिला. जांच आगे बढ़ने पर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद बरामद हुए. रकम अधिक होने के कारण आयकर विभाग को भी पत्राचार किया गया है.
भूपेन्द्र चौधरी