₹14 हजार सैलरी से ₹1 करोड़ का पैकेज,  फिर भी शख्स बोला- 'करोड़ों कमाकर भी खुश नहीं'

एक टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी 13 साल की करियर जर्नी शेयर की. उसने बताया कि कैसे उसकी पहली सैलरी सिर्फ 14,300 रुपये थी और आज वह 1.05 करोड़ रुपये सालाना कमाता है. इसके बावजूद उसका कहना है कि सबसे ज्यादा खुशी उसे तब मिली थी, जब उसकी सैलरी 20,000 रुपये हुई थी. 

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यह कहानी बताती है कि सिर्फ ज्यादा पैसा ही खुशी की गारंटी नहीं होता. ( Photo: ITG) यह कहानी बताती है कि सिर्फ ज्यादा पैसा ही खुशी की गारंटी नहीं होता. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:23 AM IST

हर कोई सोचता है कि अगर सालाना करोड़ों रुपये की सैलरी मिल जाए तो जिंदगी की सारी परेशानियां खत्म हो जाएंगी. लेकिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी कुछ अलग ही बताती है. इस इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर अपनी 13 साल की करियर की जर्नी शेयर की, जिसमें उसने बताया कि कैसे उसकी पहली सैलरी सिर्फ 14,300 रुपये प्रति माह थी और आज वह 1 करोड़ रुपये सालाना (स्टॉक को छोड़कर) कमा रहा है. इसके बावजूद उसने माना कि वह आज भी पूरी तरह खुश नहीं है.

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टियर-3 कॉलेज से शुरू हुआ सफर
इंजीनियर ने बताया कि उसने किसी बड़े या प्रतिष्ठित कॉलेज से पढ़ाई नहीं की थी. वह एक टियर-3 कॉलेज का छात्र था और खुद को औसत छात्र मानता है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे पहली नौकरी मिलने में करीब छह महीने लग गए. आखिरकार उसे 14,300 रुपये महीने की नौकरी मिली और वहीं से उसके करियर की शुरुआत हुई.

सबसे ज्यादा खुशी कब मिली?
इतनी बड़ी सैलरी मिलने के बावजूद इंजीनियर का कहना है कि उसकी जिंदगी का सबसे खुशी वाला पल तब था, जब उसकी सैलरी 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये प्रति माह हुई थी. उसने बताया कि उस समय पहली बार वह बस से सफर करने की बजाय अपनी पसंद की 150सीसी बाइक खरीद पाया. उसके लिए वही असली बदलाव था, क्योंकि उसकी रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो गई थी. आज करोड़ों रुपये कमाने के बाद भी उसे वैसी खुशी महसूस नहीं होती.

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13 साल में सिर्फ एक प्रमोशन
इंजीनियर ने अपने अनुभव से एक बड़ी सीख भी शेयर की. उसने बताया कि पूरे 13 साल के करियर में उसे सिर्फ एक बार प्रमोशन मिला, उसकी सलाह है कि अगर कोई कर्मचारी सिर्फ प्रमोशन का इंतजार करते हुए एक ही कंपनी में लंबे समय तक रुका रहता है, तो यह हमेशा सही फैसला नहीं होता. बेहतर अवसर मिलने पर नई नौकरी पर विचार करना चाहिए.

ज्यादा सैलरी का मतलब हमेशा ज्यादा खुशी नहीं
इंजीनियर का मानना है कि जब किसी की सालाना कमाई 25 से 30 लाख रुपये के आसपास पहुंच जाती है, तब उसके बाद मिलने वाली सैलरी बढ़ोतरी से लाइफस्टाइल में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आता. अतिरिक्त पैसा ज्यादातर बचत और निवेश में चला जाता है. यानी शुरुआत में मिलने वाली छोटी-छोटी सैलरी बढ़ोतरी जीवन पर ज्यादा असर डालती है, जबकि बहुत अधिक आय के बाद उसका असर कम महसूस होता है.

करोड़ों की कमाई, लेकिन मन से खुश नहीं
इंजीनियर ने लिखा कि आर्थिक रूप से वह सुरक्षित है, लेकिन इमोशनली खुद को खुश नहीं मानता. उसका कहना है कि अब उसे किसी और के लिए काम करने में पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती. ऑफिस के बाद भी वह अपने निजी प्रोजेक्ट्स पर मेहनत करता रहता है, क्योंकि वह भविष्य में अपना कुछ बनाना चाहता है. उसने यह भी कहा कि ज्यादा सैलरी के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं. बड़े पैकेज के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन का दबाव, ऑफिस की राजनीति और मानसिक तनाव भी बढ़ जाता है. हालांकि समय के साथ इन चीजों को संभालना आसान हो जाता है, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता.

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इंजीनियर का कहना है कि अगर उसे अपने बनाए किसी काम या बिजनेस से 1 लाख रुपये महीने भी मिलें, तो वह शायद उससे ज्यादा खुश रहेगा, बजाय इसके कि किसी और के लिए काम करके करोड़ों रुपये कमाए. उसकी कहानी यही बताती है कि पैसा जीवन को आसान जरूर बनाता है, लेकिन खुशी सिर्फ बड़ी सैलरी से नहीं मिलती. काम में संतुष्टि, मानसिक शांति और अपने सपनों को पूरा करने का मौका भी उतना ही जरूरी होता है.

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