तीन ताल: ब्याह कटवा रिश्तेदारों की कारस्तानी

तीन ताल के 121वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' के साथ सुनिए भगौड़ों के समर्थन से क्यों नहीं हिचकें, ब्याह कटवा रिश्तेदारों की कारस्तानी, आशिक़ों की अर्झापेल कहानियां और जिम जाना क्यों बेवक़ूफ़ी का सौदा है

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अमीरी और मोटापा, ब्याह कटवा रिश्तेदार और आशिक़ों की अर्झापेल धमकियाँ अमीरी और मोटापा, ब्याह कटवा रिश्तेदार और आशिक़ों की अर्झापेल धमकियाँ

कुलदीप मिश्र / शुभम तिवारी

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  • 04 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

तीन ताल के 121वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए:

-शुभांक एपिसोड में तीन तालियों से सरदार की अपील. 

-न्यू बनाम ओल्ड रिजीम. बजट में बाबा के काम का क्या था? 

-पुराने बजटों में शेर-ओ-शायरी की ज़रूरत क्यों पड़ती थी?

-'सदन कम्फर्ट & सिगरेट बजट'.

-सरकार और देश के बजट का अंतर. बजट का लघुशंका और दीर्घशंका.

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-आपका बजट न बिगड़े, इसका तरीका क्या है? भगौड़ों के समर्थन में बुरा क्या है?

-सिबिल स्कोर की चोंचलेबाजी. फिस्कल डेफिसिट का मज़ा! फॉर्च्यून & फॉर्च्यूनर का कनेक्शन.

इस पूरी बातचीत को सुनंने के लिए यहां नीचे क्लिक करें  

-मोटापे पर विस्तार से बातचीत. मोटापे से त्रस्त या मस्त? हैदराबाद का ओबेसिटी.

-दो वक़्त की रोटी ही क्यों, तीन वक़्त की क्यों नहीं? गरीबी और मोटापा का क्या लिंक है?

-ओबीज़ और उन्नीस का फ़र्क़! अन्न का मतलब चावल. फिटनेस की ज़रूरी शर्तें. 

-अमेरिकी गेंहू का शिकंजा. मरने के दो रास्ते कौन से हैं? मोटा रहना क्यों आसान है?

-फिट रहने का इकलौता फ़ायदा! जिम जाना क्यों बेवक़ूफ़ी का सौदा है? 

-कैलरी वेस्टेज. जब ताऊ छरहरे थे!

-मोटापे का उत्सव. पतला होना क्या स्वस्थ होना है?

 -5 रुपये के लिए झुकूं क्या? चूल्हा और कूल्हा का बिम्ब. पेट की चर्बी का प्रॉब्लम.

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-मोटापा जांचने का हैक. मोटापे के फ़ायदे. सिक्स पैक ऐब. 

-कैपिटलिस्ट की दूरदृष्टि. मोटे अनाज का साल.

इस पूरी बातचीत को सुनंने के लिए

 

-बिज़ार ख़बर में सिरफिरे आशिक़ की कहानी जो अपनी प्रेमिका के होने वाले दूल्हे के नाम धमकी भरा पर्चा चिपका आया. उस पंजाब की बात जहां एक ई-रिक्शा वाले ने पुलिसवाले को नाको चने चबवा दिए.

-ताऊ को क्यों आई रणधीर कपूर की याद? सनी देओल का प्रभाव. 

-बुआ का वीटो. शादी के गेम! चेजिंग सीन्स.

-प्रेम क्या है?

-ई रिक्शा की उलझन. शहर में एम्बुलेंस का फ़ायदा. 

-अर्झापेल का अर्थ. कोऑपरेटिव बारिश का आनन्द.

-और आख़िर में प्रिय तीन तालियों की चिट्ठियां.

इस पूरी बातचीत को सुनंने के लिए

 

प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी

साउंड मिक्सिंग ~ नितिन रावत

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