पीछे से टक्कर, फिर 'सॉरी दीदी'... वायरल कंटेंट के लिए महिलाओं को निशाना बनाने वाला यूट्यूबर पकड़ा गया

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है, जिस पर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को सड़क पर जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले उनकी स्कूटी या बाइक में पीछे से टक्कर मारता था, फिर 'सॉरी दीदी' कहकर मामला शांत करने की कोशिश करता और पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता था.

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शक से बचने के लिए वह तुरंत 'सॉरी दीदी' कहकर माफी मांगता था (Photo- YouTube/@Roadsafetywala) शक से बचने के लिए वह तुरंत 'सॉरी दीदी' कहकर माफी मांगता था (Photo- YouTube/@Roadsafetywala)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

सोशल मीडिया पर व्यूज और फॉलोअर्स की होड़ अब खतरनाक होती जा रही है. वायरल होने और ज्यादा कमाई के लिए कुछ लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जो सीधे कानून की सीमा लांघ रही हैं. दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है, जिस पर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को सड़क पर जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप है.

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 32 वर्षीय गुरमन सिंह के रूप में हुई है. वह 'रोड सेफ्टी वाला' नाम से यूट्यूब और फेसबुक पर वीडियो बनाता था. आरोप है कि वह महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की स्कूटी या बाइक में जानबूझकर टक्कर मारता, फिर 'सॉरी दीदी' कहकर माफी मांगता और पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर व्यूज, फॉलोअर्स और कमाई बढ़ाने की कोशिश करता था.

कैसे करता था वारदात?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी सड़क पर अकेली महिला राइडर्स, पीछे बैठी महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था. वह जानबूझकर उनकी स्कूटी या बाइक में पीछे से टक्कर मारता था.

शक से बचने के लिए वह तुरंत 'सॉरी दीदी' कहकर माफी मांगता था. इसी दौरान पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड कर ली जाती थी. बाद में इन वीडियो को बिना अनुमति यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड कर दिया जाता था, ताकि ज्यादा व्यूज, फॉलोअर्स और कमाई हो सके.

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देखें MO की ये रिपोर्ट

शिकायत के बाद खुला मामला

यह मामला 2 जून को सामने आया, जब एक व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो लोगों ने उसकी नाबालिग बेटियों की स्कूटी में जानबूझकर पीछे से टक्कर मार दी.शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लड़कियों का पीछा करते रहे, उन पर अभद्र टिप्पणियां कीं और अपशब्द भी कहे.कुछ दिन बाद परिवार को पता चला कि उनकी बेटियों के वीडियो बिना अनुमति यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड कर दिए गए हैं.

पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस

शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.जांच के दौरान पुलिस ने गुरमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि वह यह भी पता लगा रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाकर और भी वीडियो बनाए थे.

व्यूज और फॉलोअर्स की दौड़ में पार की हद

पुलिस का आरोप है कि आरोपी का मकसद सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा व्यूज, फॉलोअर्स और कमाई हासिल करना था. इसके लिए वह महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाकर उनकी जानकारी और सहमति के बिना वीडियो रिकॉर्ड करता और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर देता था.यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में कुछ लोग किस हद तक जा सकते हैं.

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