सोशल मीडिया पर एक महिला के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें वो सुरक्षाकर्मियों से बहस कर रही हैं. वायरल हो रहे इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये कश्मीर का है और सुरक्षाकर्मियों की ओर से रास्ता बंद किए जाने के विरोध में महिला हंगामा कर रही हैं. बताया जा रहा है कि ट्रैवल रिस्ट्रिक्शन की वजह से महिला समेत कई पर्यटक घंटों से वहां फंसे हुए थे. करीब 5 घंटे इंतजार के बाद महिला का गुस्सा फूट पड़ा.
अब इस वीडियो पर काफी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर रिएक्शन दिया है. लेकिन, पड़ताल में सामने आया है कि वीडियो कश्मीर नहीं, लद्दाख के मिनीमार्ग चेकपोस्ट का है. ये वीडियो भी जुलाई का है, जो अब वायरल हो रहा है.
वीडियो में महिला सुरक्षाकर्मियों से बहस करती और अपनी नाराजगी जाहिर करती नजर आ रही हैं. वह फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते हुए कहती हैं- 'हम Gen-Z हैं और यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे.' वीडियो में वह वहां मौजूद दूसरे पर्यटकों से भी अपनी बात का समर्थन करने की अपील करती नजर आती हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, द्रास के पास मिनिमार्ग चेकपोस्ट पर ट्रैवल रिस्ट्रिक्शन की वजह से पर्यटकों को काफी देर तक रोका गया था. इसी से नाराज होकर महिला चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गईं. मिनीमार्ग चेकपोस्ट जोजिला पास के पास संवेदनशील इलाके में स्थित है. इस इलाके में सुरक्षा, मौसम और ऑपरेशनल जरूरतों के चलते कई बार ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका जाता है.
देखें वीडियो
'We are Gen-Z' पर क्यों हो रही चर्चा?
महिला के 'We are Gen-Z' कहने के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा में आ गया. कई यूजर्स का कहना है कि किसी परेशानी पर अपनी नाराजगी जताना अलग बात है, लेकिन Gen-Z होने को दबाव बनाने के तरीके की तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है.
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्लाह ने X पर लिखा- यह 'We are Gen-Z' अब नए 'जानते नहीं हो मेरे बाप कौन हैं' जैसा हो गया है. Gen Z के लिए लोगों की सहानुभूति खत्म करने का सबसे आसान तरीका यही है कि छोटी-सी बात पर इसे धमकी की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जाए.
मिस्टर बुंदेलखंडी X पर इसी मामले का एक और वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं कि Gen-Z लोग सुरक्षा बलों का समर्थन करने के बजाय इस मुद्दे को संसद में उठाने की धमकी दे रहे हैं.
उमर अब्दुल्लाह के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए यूजर लिखता है कि Gen Z किसी तय साल के बाद पैदा हुए लोगों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द है, यह कोई विचारधारा नहीं है. लगता है इस महिला को लगता है कि राजनीतिक ताकत हासिल कर चुके इस शब्द का इस्तेमाल अपनी बकवास को सही ठहराने के लिए किया जा सकता है.
वीडियो का इस्तेमाल प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया जा रहा है
Counter Disinformation Centre ने वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे उस दावे को फर्जी और मनगढ़ंत बताया है, जिसमें कहा जा रहा था कि भारतीय सेना ने कश्मीर से लद्दाख जाने वाली सड़क को इसलिए बंद किया क्योंकि उस इलाके पर चीन ने कब्जा कर लिया है. Centre के मुताबिक, इसी झूठे दावे के साथ सुरक्षा कर्मियों से बहस करती Gen-Z महिला” का वीडियो फैलाया जा रहा है.
आर्मी ने क्या कहा
सेना ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो जुलाई का पुराना वीडियो है और इसमें दिख रहा चेकपोस्ट पुलिस का था, सेना का नहीं. सेना ने यह भी साफ किया कि इस मामले का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है.
मीर फरीद / शिवानी शर्मा