शादी में जाना हो तो भारत में ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले एक ही चीज आती है- अच्छे कपड़े पहनने हैं, दूल्हा-दुल्हन को गिफ्ट देना है और फिर दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ खाना खाना है. लेकिन अगर आपको शादी में खाना खाने से पहले ही एक खास टोकन दिखाने के लिए कहा जाए तो शायद आप भी चौंक जाएंगे. कुछ ऐसा ही अनुभव दक्षिण कोरिया में एक भारतीय महिला के साथ हुआ. भारतीय महिला अपने कोरियन लैब मेट की शादी में शामिल होने पहुंची थी. उनके साथ दो सीनियर दोस्त भी थीं. तीनों समय से शादी की जगह पहुंच गई थीं.
सेरेमनी शुरू होने में थोड़ा समय था, इसलिए उन्होंने सोचा कि बाहर जाकर कॉफी पी आती हैं. इसी बीच उन्हें मैसेज मिला कि शादी की रस्में शुरू हो गई हैं. तीनों जल्दी से वापस लौटीं और करीब एक घंटे तक चली सेरेमनी में शामिल हुईं. इसके बाद जब शादी में आए मेहमान लंच के लिए जाने लगे तो भारतीय महिला और उनकी दोनों साथी भी उनके साथ चल पड़ीं. उन्हें लगा कि अब सीधे लंच हॉल में जाकर खाना खाएंगी. लेकिन जैसे ही वे लंच हॉल के गेट पर पहुंचीं, वहां मौजूद सिक्योरिटी स्टाफ ने उन्हें रोक लिया.
गेट पर क्यों रोक दिया गया?
महिला और उनके दोस्तों को समझ नहीं आया कि आखिर उन्हें अंदर जाने से क्यों रोका जा रहा है. वहां मौजूद स्टाफ उनसे एक टोकन मांग रहा था. समस्या यह थी कि सिक्योरिटी स्टाफ इंग्लिश नहीं बोल रहा था और भारतीय महिलाएं कोरियन भाषा नहीं जानती थीं. आखिरकार उन्होंने अपने कोरियन लैब मेट को फोन किया. तब उन्हें पता चला कि वे शादी में दिया जाने वाला गिफ्ट यानी पैसों का लिफाफा देना ही भूल गई थीं.
दरअसल, दक्षिण कोरिया की कई आधुनिक शादियों में मेहमानों के लिए गिफ्ट देने की एक खास व्यवस्था होती है. मेहमान शादी की जगह पहुंचकर रिसेप्शन पर दूल्हा-दुल्हन को पैसे का लिफाफा देते हैं. इसके बाद उन्हें एक टोकन या एंट्री टिकट दिया जाता है. इसी टोकन को दिखाकर वे लंच हॉल में जाकर खाना खा सकते हैं.
क्या है इस रिवाज की वजह?
यह सिर्फ खाना खाने के लिए पैसे देने वाली व्यवस्था नहीं है. कोरियन शादियों में कैश गिफ्ट देना लंबे समय से प्रचलित परंपरा है. शादी में आने वाले मेहमान आमतौर पर पैसे का लिफाफा देते हैं. कई जगह रिसेप्शन पर दूल्हा-दुल्हन के परिवार की ओर से लोग इन पैसों को लेते हैं और मेहमान का नाम लिखते हैं कि किसने कितना पैसा दिया है. इसका एक कारण यह भी माना जाता है कि शादी के खर्च में परिवार की मदद हो सके. साथ ही किस रिश्तेदार या दोस्त ने कितना गिफ्ट दिया, उसका रिकॉर्ड रहता है. भविष्य में जब उस व्यक्ति के घर शादी होती है तो उसी हिसाब से गिफ्ट देने की परंपरा भी निभाई जा सकती है.
यानी जिस चीज को भारतीय महिला ने शुरुआत में एक अजीब नियम समझा, वह दरअसल वहां की शादी की व्यवस्था और सामाजिक परंपरा का हिस्सा है.
गिफ्ट देने के बाद ही क्यों मिलता है टोकन?
रिसेप्शन पर गिफ्ट देने के बाद मेहमान को टोकन मिल जाता है. यही टोकन लंच हॉल में एंट्री के लिए इस्तेमाल होता है. कोरिया में कई वेडिंग हॉल में शादी की रस्म और खाना खिलाने की व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में होती है. कई जगह बुफे भी होता है, जहां मेहमान शादी की सेरेमनी के पहले या बाद में खाना खाते हैं. भारतीय महिला और उनकी साथियों से भी यही टोकन मांगा गया था. लेकिन वे गिफ्ट का लिफाफा देना भूल गई थीं, इसलिए उनके पास टोकन नहीं था.
बाद में जब उन्हें पूरी बात समझ आई तो उन्होंने रिसेप्शन पर जाकर लिफाफा दिया और टोकन ले लिया. इसके बाद उनके लिए लंच हॉल के दरवाजे खुल गए और उन्होंने आराम से खाना खाया.
भारत से कितना अलग है यह तरीका?
भारत में शादी में गिफ्ट या शगुन देना आम बात है, लेकिन आमतौर पर खाना खाने के लिए कोई टोकन दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती. मेहमान पहले या बाद में अपनी सुविधा से लिफाफा या गिफ्ट दे सकते हैं. वहीं कोरियन शादी में गिफ्ट और शादी के भोज के बीच यह कनेक्शन भारतीय महिला के लिए बिल्कुल नया अनुभव था. यही वजह है कि उनका यह किस्सा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
aajtak.in