दुबई की बुर्ज खलीफा को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का खिताब हो सकता है छिन जाए. इस इमारत का यह रिकॉर्ड अब टूटने की ओर है. सऊदी अरब के जेद्दा शहर में एक ऐसी गगनचुंबी इमारत तैयार हो रही है, जिसकी ऊंचाई सुनकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह प्रोजेक्ट कितना बड़ा है.
नाम है जेद्दा टावर. इसे पहले किंगडम टावर के नाम से जाना जाता था. पूरी तरह तैयार होने के बाद इसकी ऊंचाई कम से कम 1000 मीटर यानी 1 किलोमीटर होगी. इस ऊंचाई के साथ यह दुनिया की पहली ऐसी इमारत बनने जा रही है, जो एक किलोमीटर के निशान को पार करेगी.
109 मंजिलों तक पहुंच चुका है टावर
निर्माण की ताजा प्रगति के मुताबिक अगस्त 2026 तक जेद्दा टावर का स्ट्रक्चर 109वीं मंजिल तक पहुंच चुका था. इसकी ऊंचाई करीब 430 मीटर हो गई थी. यानी इमारत अभी अपनी अंतिम ऊंचाई से काफी नीचे है, लेकिन जमीन से ऊपर उठता इसका ढांचा अब दूर से ही एक विशाल गगनचुंबी इमारत जैसा दिखाई देने लगा है.
टावर में 157 से ज्यादा मंजिलें होने की योजना है. निर्माण की रफ्तार भी लगातार बढ़ाई जा रही है. इंजीनियरिंग फर्म थॉर्नटन टोमासेट्टी के मुताबिक इसका कोर स्ट्रक्चर हर हफ्ते करीब एक मंजिल और लगभग 4 मीटर ऊपर जा रहा है.
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बुर्ज खलीफा से कितनी ऊंची होगी?
अभी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई की बुर्ज खलीफा है, जिसकी ऊंचाई 828 मीटर है. जेद्दा टावर की प्रस्तावित ऊंचाई कम से कम 1000 मीटर है.यानी दोनों के बीच करीब 172 मीटर का अंतर होगा. आसान भाषा में समझें तो जब जेद्दा टावर पूरा होगा, तब बुर्ज खलीफा का 828 मीटर का रिकॉर्ड पीछे छूट जाएगा.
लेकिन इस प्रोजेक्ट की खासियत सिर्फ इसकी ऊंचाई नहीं है.
तीन पंखुड़ियों जैसी क्यों है डिजाइन?
जेद्दा टावर का डिजाइन अमेरिकी आर्किटेक्ट एड्रियन स्मिथ ने तैयार किया है. दिलचस्प बात यह है कि एड्रियन स्मिथ बुर्ज खलीफा के डिजाइन से भी जुड़े रहे हैं.
जेद्दा टावर को ऊपर से देखने पर इसकी आकृति तीन पंखुड़ियों जैसी नजर आती है. यह डिजाइन केवल देखने में आकर्षक बनाने के लिए नहीं है. इतनी ऊंची इमारत के लिए हवा सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होती है. टावर का आकार हवा के दबाव और उसके आसपास बनने वाले एयरफ्लो को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.यानी यहां डिजाइन और इंजीनियरिंग दोनों का काम साथ-साथ किया गया है.
630 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर होगा ऑब्जर्वेशन डेक
जेद्दा टावर के अंदर सिर्फ ऑफिस या घर नहीं होंगे. इसमें होटल, रेजिडेंशियल स्पेस, सर्विस अपार्टमेंट्स और दूसरी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं.इसकी सबसे खास सुविधाओं में दुनिया के सबसे ऊंचे ऑब्जर्वेशन डेक में से एक शामिल होगा, जो करीब 630 से 638 मीटर की ऊंचाई पर होगा. इसके अलावा टावर के ऊपरी हिस्से में हेलीपैड की भी योजना है.
200 कमरों का लग्जरी होटल भी
जेद्दा टावर को सिर्फ एक ऊंची इमारत के तौर पर नहीं बनाया जा रहा. इसमें करीब 200 कमरों वाला लग्जरी होटल भी प्रस्तावित है.इसके अलावा यहां प्राइवेट रेजिडेंस और सर्विस अपार्टमेंट्स होंगे. इमारत जितनी ऊपर जाएगी, वहां के कुछ रेजिडेंशियल स्पेस उतने ही खास और महंगे होने की उम्मीद है.
सात साल तक क्यों थम गया था काम?
इस प्रोजेक्ट की कहानी सिर्फ इंजीनियरिंग की नहीं है. इसका निर्माण 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन कुछ सालों बाद काम रुक गया.2018 के बाद जेद्दा टावर का निर्माण लंबे समय तक ठप रहा. इसके पीछे प्रोजेक्ट से जुड़ी वित्तीय और राजनीतिक परिस्थितियां अहम वजहों में शामिल थीं.
करीब सात साल तक रुके रहने के बाद जनवरी 2025 में निर्माण दोबारा शुरू हुआ. इसके बाद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर से ज्यादा के नए कॉन्ट्रैक्ट की खबरें सामने आईं और साइट पर फिर से बड़े स्तर पर काम शुरू हुआ.
अब कब तक पूरा होगा?
मौजूदा निर्माण प्रगति को देखते हुए जेद्दा टावर के 2028 के आसपास पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है.अगर प्रोजेक्ट योजना के मुताबिक पूरा हुआ, तो उस वक्त दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड एक बार फिर बदल जाएगा. 828 मीटर की बुर्ज खलीफा नंबर-1 से नंबर-2 पर आ जाएगी. जेद्दा टावर कम से कम 1000 मीटर की ऊंचाई के साथ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन जाएगी.
फिलहाल 109 मंजिलों तक पहुंच चुका इसका ढांचा उस भविष्य की झलक दे रहा है, जब पहली बार किसी इमारत की ऊंचाई एक पूरे किलोमीटर के पार होगी.
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