नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए बेहतर ऑफर मिलना खुशी की बात होती है. कई बार किसी कंपनी से नौकरी का ऑफर मिलने के बाद दूसरी जगह से इससे भी अच्छा ऑफर मिल जाता है. ऐसे में उम्मीदवार पहली कंपनी में जाने का फैसला बदल लेते हैं. इसमें कुछ गलत नहीं है, लेकिन अपनी बात साफ-साफ बताने के बजाय झूठ का सहारा लेना परेशानी खड़ी कर सकता है. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां एक महिला उम्मीदवार पर नौकरी जॉइन न करने के लिए अस्पताल में भर्ती होने की झूठी कहानी बनाने का आरोप लगा है.
यह मामला जयपुर की एक कंपनी से जुड़ा है. कंपनी के सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरी घटना बताई है. उन्होंने कुछ मैसेज के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं, जिनमें उम्मीदवार की बहन कंपनी की रिक्रूटमेंट टीम से जॉइनिंग की तारीख आगे बढ़ाने की मांग कर रही है. बहन ने बताया था कि उम्मीदवार की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती है. हालांकि, सीईओ का दावा है कि इसी दौरान उम्मीदवार ने बेंगलुरु की एक दूसरी कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली थी.
जॉइनिंग के दिन अचानक बंद हो गया फोन उठाना
यह पूरा मामला जयपुर की कंपनी वंशिव टेक्नोलॉजीज (Vanshiv Technologies) का है. कंपनी के सीईओ गौरव खेत्रपाल (Gaurav Kheterpal) के मुताबिक, एक महिला उम्मीदवार को उनकी कंपनी में नौकरी मिली थी. उसकी जॉइनिंग की तारीख भी तय हो चुकी थी. लेकिन जब जॉइनिंग का दिन आया, तो उम्मीदवार ने कंपनी की रिक्रूटमेंट टीम के फोन और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया. काफी कोशिशों के बाद भी जब उम्मीदवार से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसकी बहन ने कंपनी की टीम को मैसेज भेजा. इस मैसेज में बताया गया कि उम्मीदवार की तबीयत ठीक नहीं है और वह अस्पताल में भर्ती है. इसलिए वह तय तारीख पर ऑफिस नहीं आ सकती. साथ ही कंपनी से जॉइनिंग की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की गई.
बहन ने कंपनी को भेजा था अस्पताल में भर्ती होने का मैसेज
सीईओ ने उम्मीदवार की बहन की ओर से भेजे गए मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. इसमें लिखा था कि उम्मीदवार की तबीयत खराब है और वह अस्पताल में है. ऐसे में उसका ऑफिस आना संभव नहीं है. कंपनी से अनुरोध किया गया कि अगर हो सके तो उसकी जॉइनिंग की तारीख आगे बढ़ा दी जाए. कंपनी की टीम को लगा कि उम्मीदवार किसी परेशानी में है, इसलिए उसकी जॉइनिंग टालने की बात कही जा रही है. लेकिन सीईओ के मुताबिक, इस बीच एक दूसरी जानकारी सामने आई, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.
बेंगलुरु की दूसरी कंपनी में जॉइन कर चुकी थी उम्मीदवार
गौरव खेत्रपाल ने दावा किया कि जिस उम्मीदवार के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही जा रही थी, उसने उसी हफ्ते बेंगलुरु की एक दूसरी कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली थी. उन्होंने उम्मीदवार की लिंक्डइन प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें अक्टूबर 2026 में बेंगलुरु की कंपनी से जुड़ने की जानकारी दिखाई दे रही थी.सीईओ के मुताबिक, उम्मीदवार ने पहले जयपुर आने की इच्छा जताई थी. इसके पीछे उसने बेंगलुरु के मौसम को भी एक वजह बताया था. लेकिन बाद में उसने जयपुर की कंपनी में जॉइन करने के बजाय बेंगलुरु में ही दूसरी नौकरी चुन ली.
गौरव ने यह भी दावा किया कि उम्मीदवार ने बैकग्राउंड चेक की प्रक्रिया के लिए समय हासिल करने के मकसद से अस्पताल में भर्ती होने की कहानी बनाई थी. हालांकि, ये सभी बातें सीईओ की ओर से लगाए गए आरोप हैं.
सीईओ बोले- बेहतर ऑफर मिला तो साफ-साफ बता देते
इस घटना से नाराज सीईओ ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार को दूसरी कंपनी से बेहतर नौकरी का ऑफर मिलता है या वह अपना फैसला बदल लेता है, तो उसे ईमानदारी से अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी को बेहतर ऑफर मिला है, तो वह कंपनी को बता सकता है. अगर उसने जयपुर के बजाय बेंगलुरु में काम करने का फैसला किया है, तो भी उसे यह बात साफ-साफ कहनी चाहिए. नौकरी जॉइन नहीं करनी है तो पेशेवर तरीके से मना किया जा सकता है. उनका कहना था कि नौकरी बदलना या किसी दूसरे ऑफर को चुनना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए झूठ बोलना और कंपनी को गुमराह करना सही नहीं है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
सीईओ की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स पर पोस्ट को 1.08 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था. इस पर लोगों ने अलग-अलग राय दी. कुछ यूजर्स ने कहा कि नौकरी देने वाली कंपनियां भी कई बार उम्मीदवारों के साथ ऐसा व्यवहार करती हैं. वहीं, कुछ लोगों ने माना कि बेहतर नौकरी मिलने पर उम्मीदवार का अपना फैसला बदलना गलत नहीं है, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने जैसी झूठी कहानी बनाना ठीक नहीं है.
एक यूजर ने कहा कि अगर उम्मीदवार को दूसरी कंपनी में बेहतर मौका मिला था, तो उसे पहली कंपनी को साफ-साफ बता देना चाहिए था. वहीं, कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि जिस कंपनी में उम्मीदवार ने नौकरी जॉइन की है, उसे इस मामले की जानकारी दी जानी चाहिए. इस घटना ने एक बार फिर नौकरी देने वाली कंपनियों और उम्मीदवारों के बीच भरोसे और पेशेवर व्यवहार को लेकर चर्चा छेड़ दी है.
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