पहले चुराती थी दादा-दादी के गहने, फिर उन्हें बेचकर करती थी मौज! अब हुई जेल

चीन में एक लड़की ने अपने दादा-दादी के गहने चुरा लिए. इसके बाद उसे बेचकर उस पैसे से जमकर पार्टी और शॉपिंग की. इसके बाद दादा- दादी ने कोर्ट में जाकर उस पर आरोप लगाया और उसे जेल भिजवा दिया.

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चीन में एक पोती को अपने दादा- दादी के गहने चुराने के लिए जेल भेज दिया गया (Photo - ITG) चीन में एक पोती को अपने दादा- दादी के गहने चुराने के लिए जेल भेज दिया गया (Photo - ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:05 PM IST

दादा-दादी और पोती का रिश्ता अक्सर प्यार और लाड़ से भरा होता है. पोते-पोतियों की छोटी-बड़ी गलतियां भी कई बार बुजुर्ग नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन चीन में एक दादा-दादी ने अपनी पोती की ऐसी गलती को माफ नहीं किया, जिसकी वजह से उसे जेल पहुंचना पड़ा. 

आरोप है कि पोती पहले भी उनके घर से कीमती सामान चुराती रही थी. इस बार उसने करीब 20 हजार युआन यानी लगभग 3 हजार अमेरिकी डॉलर कैश और सोने की एक चूड़ी चुरा ली. चूड़ी बेचकर मिले 27 हजार युआन से ज्यादा रुपये भी उसने खर्च कर डाले. आखिरकार दादा-दादी ने पुलिस में शिकायत कर दी और अदालत ने पोती को छह महीने जेल की सजा सुना दी.

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दादा के सोते ही घर से उड़ाए पैसे और गहने
यह मामला चीन के उत्तर-पश्चिमी इलाके शिनजियांग उइगर क्षेत्र का है. यहां चेन नाम की एक युवती ने अपने दादा-दादी के घर से पैसे और सोने की चूड़ी चुरा ली. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जब उसके दादा घर में सो रहे थे. उसी दौरान चेन ने करीब 20 हजार युआन कैश और सोने की चूड़ी वहां से निकाल ली. 

चोरी करने के बाद उसने सोने की चूड़ी को बेच दिया. इससे उसे 27 हजार युआन से ज्यादा रकम मिली. लेकिन चेन ने इस पैसे को बचाया नहीं. उसने पूरी रकम खर्च कर दी और दादा-दादी का कीमती सामान भी वापस नहीं किया.

पहले भी ले जा चुकी थी घर का सामान
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. दादा-दादी ने बताया कि चेन पहले भी उनके घर से कई कीमती सामान ले चुकी थी. हर बार चोरी किए गए सामान की कीमत बढ़ती गई.बुजुर्ग दंपति का कहना था कि उन्होंने अपनी पोती को काफी लाड़-प्यार दिया था. लेकिन उन्हें लगता था कि वह मेहनत किए बिना चीजें हासिल करना चाहती है. 

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उन्होंने उसे आलसी बताते हुए कहा कि वह हमेशा बिना मेहनत किए फायदा उठाने की कोशिश करती थी. शायद इसी वजह से इस बार उन्होंने तय कर लिया कि सिर्फ डांटने या समझाने से बात नहीं बनेगी.

पोती को था भरोसा- दादा-दादी माफ कर देंगे
मामला जब अदालत पहुंचा तो चेन ने खुद को दोषी मानने से इनकार कर दिया. उसका कहना था कि उसने अपने ही दादा-दादी के पैसे लिए हैं, इसलिए वे उसे माफ कर देंगे.

उसने यह भी तर्क दिया कि यह परिवार का मामला है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. लेकिन इस बार दादा-दादी का फैसला पहले से बिल्कुल अलग था.

उन्होंने पोती को माफ करने से इनकार कर दिया और कानूनी कार्रवाई जारी रखने का फैसला किया. उनका मकसद सिर्फ पैसे या गहने वापस पाना नहीं था. वे चाहते थे कि पोती को अपनी गलती की गंभीरता समझ आए और वह दोबारा ऐसी हरकत न करे.

'पैसे मांग सकती हो, चोरी नहीं कर सकती'
इस मामले के बाद चीन के सोशल मीडिया पर लोगों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई.
कई लोगों ने दादा-दादी के फैसले का समर्थन किया. एक यूजर ने कहा कि अगर पोती ने पहले भी कई बार चोरी की थी, तो शायद इस बार बुजुर्गों का भरोसा पूरी तरह टूट गया था. एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं है. सख्त कार्रवाई शायद पोती को अपनी जिंदगी बदलने का मौका दे सकती है.

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वहीं, कुछ लोगों को दादा-दादी का फैसला काफी सख्त लगा. उनका कहना था कि परिवार के इस विवाद को घर में ही सुलझाया जा सकता था. पुलिस और अदालत तक मामला ले जाने से युवती के भविष्य पर असर पड़ सकता है. एक टिप्पणी में इस पूरे मामले की भावना कुछ इस तरह सामने आई- पैसे चाहिए तो मांगो, लेकिन चोरी मत करो.

चीन में परिवार के बीच पैसे साझा करना आम
इस मामले को लेकर इतनी चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि चीन में परिवार के सदस्यों के बीच आर्थिक मदद करना आम बात है.

वहां माता-पिता अक्सर अपने बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों पर पैसा खर्च करते हैं, भले ही बच्चे बड़े हो चुके हों. कई परिवारों में बच्चे उच्च शिक्षा हासिल करते समय भी माता-पिता से आर्थिक मदद लेते हैं.

घर खरीदने के मामले में भी परिवार के कई सदस्यों की बचत को मिलाने की परंपरा देखने को मिलती है. इसे 'सिक्स वॉलेट्स' कहा जाता है. इसमें पति-पत्नी अपनी बचत के साथ दोनों परिवारों के माता-पिता की आर्थिक मदद भी शामिल कर सकते हैं.

हाल के वर्षों में चीन में 'फुल-टाइम चिल्ड्रन' शब्द भी चर्चा में आया है. इसका इस्तेमाल उन युवाओं के लिए किया जाता है जो अपने माता-पिता के साथ रहते हैं, घर के काम और उनकी देखभाल में मदद करते हैं और बदले में माता-पिता से आर्थिक सहायता लेते हैं. यानी परिवार में पैसे का एक-दूसरे के लिए इस्तेमाल वहां असामान्य नहीं है. शायद यही वजह थी कि चेन को उम्मीद थी कि दादा-दादी उसे माफ कर देंगे.

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दादा-दादी ने नहीं दिखाई नरमी
चीन के आपराधिक कानून के मुताबिक, बड़ी रकम की चोरी या बार-बार चोरी करने पर जेल की सजा हो सकती है, जो तीन साल तक जा सकती है. परिवार या करीबी रिश्तेदारों के बीच चोरी के मामलों में कुछ परिस्थितियों में अलग तरह से कार्रवाई हो सकती है और माफी मिलने पर राहत भी मिल सकती है. लेकिन चेन के मामले में दादा-दादी ने माफी नहीं दी.

चीन के 'लीगल डेली' की 1 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने चेन को चोरी के मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई. इसके अलावा उस पर 2 हजार युआन का जुर्माना भी लगाया गया.

यह भी पढ़ें: चीन के ट्रक ड्राइवर्स सोते वक्त मुंह में रस्सी क्यों दबा लेते हैं?

इस तरह दादा-दादी के घर से शुरू हुई चोरी की कहानी जेल की सलाखों तक पहुंच गई. जिस पोती को भरोसा था कि परिवार होने के नाते उसे माफ कर दिया जाएगा. उसे आखिरकार अदालत का सामना करना पड़ा. दादा-दादी का संदेश साफ था- रिश्ता अपनी जगह है, लेकिन बार-बार चोरी को सिर्फ इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि सामने वाला परिवार का सदस्य है.

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