गर्लफ्रेंड के बच्चे को उबालकर मार डाला, कोर्ट ने जिंदगी भर के लिए भेजा जेल

एक शख्स ने नशा करने के लिए एक साल के मासूम को गर्म पानी में मरने के लिए छोड़ दिया. अब कोर्ट ने उसे हत्या का दोषी करार देते हुए ताउम्र जेल की सजा सुनाई है.

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नशा करने के लिए एक शख्स ने बच्चे की जान ले ली (Photo - Pexels) नशा करने के लिए एक शख्स ने बच्चे की जान ले ली (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:04 PM IST

महज एक साल का मासूम बच्चा, जिसे नहलाने की जिम्मेदारी उसकी मां के बॉयफ्रेंड को दी गई थी. लेकिन उसने ऐसी लापरवाही और हैवानियत दिखाई कि मासूम की दर्दनाक मौत हो गई. बच्चे को उबलते गर्म पानी से भरे बाथटब में छोड़कर वह ड्रग्स लेने चला गया.

जब लौटा तो बच्चा बुरी तरह झुलस चुका था और दर्द से चीख रहा था. इसके बावजूद उसे अस्पताल ले जाने के बजाय दोनों आरोपियों ने घर पर ही मरहम लगाकर मामला दबाने की कोशिश की. अब अदालत ने इस मामले में कड़ी सजा सुनाई है.

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डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना सितंबर 2023 की है. 34 साल के सर्जियो मेना अपनी गर्लफ्रेंड सामंथा गार्वर के एक साल के बेटे हेनरी व्हीटली-ब्राउन की देखभाल कर रहा था.

ड्रग्स लेने के लिए छोड़ गया अकेला
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मेना बच्चे को नहलाने के लिए बाथटब में ले गया, लेकिन उसने पानी का तापमान जांचे बिना ही मासूम को बेहद गर्म पानी में बैठा दिया. इसके बाद वह बच्चे को उसी हालत में छोड़कर मेथामफेटामिन नाम का ड्रग लेने चला गया.

कुछ देर बाद जब वह वापस लौटा तो हेनरी दर्द से चीख रहा था. उसका शरीर बुरी तरह जल चुका था. मेना ने तुरंत डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय बच्चे की मां सामंथा को फोन कर घर बुला लिया.

अस्पताल ले जाने की बजाय लगाते रहे मरहम
जांच में सामने आया कि बच्चे के शरीर पर गंभीर और जानलेवा जलने के घाव थे. इसके बावजूद दोनों ने उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया. उन्होंने सिर्फ बाजार में मिलने वाला सामान्य मरहम लगाया और घर पर ही इलाज करने की कोशिश की.अगले दिन जब बच्चे की हालत और बिगड़ गई और उसकी सांस उखड़ने लगी, तब जाकर दोनों ने इमरजेंसी  को फोन किया.

तब तक हो चुकी थी मासूम की मौत
जब पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचे तो हेनरी की नब्ज नहीं चल रही थी. उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था और वह गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन का शिकार था. डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

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पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच में सिर्फ जलने के निशान ही नहीं मिले, बल्कि एक और चौंकाने वाली बात सामने आई. डॉक्टरों ने पाया कि बच्चे की दोनों भुजाओं में कई पुरानी हड्डियां टूटी हुई थीं. इससे साफ हुआ कि वह लंबे समय से शारीरिक प्रताड़ना का शिकार था. उसके शरीर पर दूसरी और तीसरी डिग्री तक के जलने के घाव भी थे.

जांच में सामने आई प्रताड़ना की कहानी
बच्चे की नानी सिएरा रिवर्स ने बताया कि सामंथा अक्सर कहती थी कि मुझे भी बचपन में मारा-पीटा गया था और मैं ठीक हूं. पूरे मामले की जांच के बाद अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि हेनरी की मौत के पीछे लगातार की गई प्रताड़ना और गंभीर लापरवाही जिम्मेदार थी.

कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
मामले की सुनवाई के बाद सर्जियो मेना ने सेकेंड-डिग्री मर्डर और बच्चे के साथ गंभीर शारीरिक उत्पीड़न का अपराध स्वीकार कर लिया. अदालत ने उसे 21 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

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वहीं, बच्चे की मां सामंथा गार्वर को गैर-इरादतन हत्या और गंभीर चोट पहुंचाने वाले बाल उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया. उसे 14 साल की जेल की सजा मिली. जिला अटॉर्नी कार्यालय ने फैसले पर कहा कि बेबी हेनरी को वापस नहीं लाया जा सकता और न ही उसकी तकलीफ मिटाई जा सकती है. लेकिन यह सजा इस बात को सुनिश्चित करती है कि दोनों आरोपी अब कभी किसी दूसरे बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे.

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