क्यों हमेशा चिपका रहता है अयातुल्ला खामेनेई का राइट हैंड? ये है इसके पीछे की कहानी

अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक,  27 जून 1981 को ईरान की राजधानी तेहरान के अबुजर मस्जिद में अयातुल्लाह अली खामेनेई नमाज के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे. तभी एक युवक उनके पास एक टेप रिकॉर्डर रखता है, जिसमें बम छिपा होता है. जैसे ही रिकॉर्डर का बटन दबता है, भयानक धमाका होता है

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क्यों हमेशा चिपका रहता है अयातुल्ला खामेनेई का राइट हैंड? (PHOTO-AP) क्यों हमेशा चिपका रहता है अयातुल्ला खामेनेई का राइट हैंड? (PHOTO-AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:01 PM IST

अयातुल्लाह अली खामेनई  वो शख्सियत, जो इस वक्त दुनिया भर के मीडिया की सुर्खियों में हैं.वजह साफ है कि ईरान-इजरायल युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति के बीच उनका एक फैसला दुनिया की तकदीर बदल सकता है. इस समय जब ईरान-इजरायल के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है, पूरी दुनिया चिंतित है कि कहीं यह संघर्ष तीसरे विश्व युद्ध की आहट न बन जाए.

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लेकिन इस गंभीर माहौल में भी सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प बहस चल रही है.क्या आपने कभी गौर किया है कि खामेनई की हर तस्वीर या भाषण में सिर्फ एक ही हाथ सक्रिय दिखता है? आइये जानते हैं इसके पीछे क्या वजह है.

हमला जिसने ईरान के सर्वोच्च नेता की जिंदगी बदल दी

अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक,  27 जून 1981 को ईरान की राजधानी तेहरान के अबुजर मस्जिद में अयातुल्लाह अली खामेनेई नमाज के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे. तभी एक युवक उनके पास एक टेप रिकॉर्डर रखता है, जिसमें बम छिपा होता है. जैसे ही रिकॉर्डर का बटन दबता है, भयानक धमाका होता है. खामेनेई जमीन पर गिर जाते हैं, मस्जिद में अफरातफरी मच जाती है.

जिंदगी और मौत के बीच जूझे खामेनेई

रिपोर्ट आगे बताती है कि इस बम धमाके में खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. उनके दाहिने हाथ में लकवा मार जाता है, कान की नसें और फेफड़े भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. शरीर के दाहिने हिस्से में बम के टुकड़े धंस जाते हैं और छाती का एक हिस्सा जल जाता है. अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि एक डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, लेकिन बाकी डॉक्टरों ने हार नहीं मानी और ऑपरेशन जारी रखा.

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बाएं हाथ से लिखा पहला सवाल
ऑपरेशन के बाद खामेनेई बोल नहीं पा रहे थे, लेकिन उन्होंने बाएं हाथ से पहला सवाल लिखा-क्या मस्जिद में मेरे साथियों को भी चोट आई? जब बताया गया कि सभी सुरक्षित हैं, तो उन्होंने दूसरा सवाल पूछा कि मेरे साथ क्या हुआ है? डॉक्टरों ने कहा कि आपका दाहिना हाथ शायद अब कभी काम नहीं करेगा.इस पर खामेनेई ने जवाब दिय कि अगर मेरा दिमाग और जुबान काम कर रहे हैं तो हाथ की जरूरत नहीं.

तब से अब तक उस दिन के बाद से उनका दाहिना हाथ स्थायी रूप से निष्क्रिय हो गया. खामेनई हर काम लिखने से लेकर इशारों तक बाएं हाथ से करते हैं.

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