Beautiful Lakes in India: भारत में घूमने के लिए कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती और अनोखी जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं. कुछ जगहों पर झीलें सिर्फ घूमने का आकर्षण नहीं हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा भी हैं. कहीं लोग झील के बीच तैरते द्वीपों पर रहते हैं तो कहीं मछली पकड़ना और नाव चलाना लोगों के रोजमर्रा के काम का हिस्सा है. अगर आप भी आम टूरिस्ट प्लेसेज से कुछ अलग देखना चाहते हैं तो इन 5 जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
लोकटक झील (मणिपुर)
मणिपुर की लोकटक झील अपनी तैरती हुई जमीन यानी 'फुमदी' के लिए दुनियाभर में मशहूर है. फुमदी पानी के ऊपर तैरने वाली घास, मिट्टी और जैविक पदार्थों से बनी मोटी परतें होती हैं. यहां कई लोग इन तैरते हुए हिस्सों पर बने घरों में रहते हैं और मछली पकड़ने का काम करते हैं.
क्या करें: यहां लोकल होमस्टे में रुककर झील और आसपास की जिंदगी को करीब से देख सकते हैं. सुबह के समय झील का नजारा बेहद खूबसूरत नजर आता है. पास ही केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी घूम सकते हैं, जो संगाई हिरण के लिए जाना जाता है.
घूमने का सही समय: नवंबर से फरवरी.
पुष्कर (राजस्थान)
राजस्थान का पुष्कर एक छोटा लेकिन बेहद खास शहर है जो पवित्र पुष्कर झील के आसपास बसा है. झील के किनारे 52 घाट हैं, जहां श्रद्धालु पूजा और स्नान के लिए आते हैं. यहां ब्रह्मा मंदिर भी स्थित है, जिसे भगवान ब्रह्मा को समर्पित प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है.
क्या करें: पुष्कर झील के घाटों पर घूमने के साथ शाम की आरती देख सकते हैं. ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करें और चाहें तो ऊंट की सवारी का मजा भी ले सकते हैं.
घूमने का सही समय: अक्टूबर से मार्च.
चिलिका झील (ओडिशा)
ओडिशा की चिलिका झील भारत की प्रमुख तटीय झीलों में से एक है. यहां मीठे और समुद्री पानी का मिलन होता है. झील के आसपास कई मछुआरों के गांव बसे हुए हैं, जहां लोगों की जिंदगी काफी हद तक झील से जुड़ी हुई है.
क्या करें: सतपाड़ा से नाव की सवारी कर सकते हैं. यहां आपको इरावडी डॉल्फिन देखने का मौका मिल सकता है. सर्दियों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी भी यहां पहुंचते हैं.
घूमने का सही समय: नवंबर से फरवरी.
कोरजोक (लद्दाख)
लद्दाख का कोरजोक गांव त्सो मोरीरी झील के किनारे बसा हुआ है. लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह जगह अपने शांत माहौल और खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए जानी जाती है. यहां चांगपा समुदाय के लोग अपने पशुओं के साथ रहते हैं. गांव में स्थित कोरजोक मठ भी देखने लायक है.
क्या करें: त्सो मोरीरी झील और कोरजोक मठ घूम सकते हैं. यहां की शांत वादियों और स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखने का मौका मिलेगा. गर्मियों में भी यहां ठंड हो सकती है, इसलिए गर्म कपड़े जरूर रखें.
घूमने का सही समय: मई से सितंबर.
कुमारकोम (केरल)
केरल का कुमारकोम वेम्बनाड झील के किनारे बसा खूबसूरत इलाका है. यहां की धीमी और शांत जिंदगी, हरियाली और बैकवाटर्स पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं. यहां नावों और मछली पकड़ने के जरिए स्थानीय जीवन को करीब से देखा जा सकता है.
क्या करें: पारंपरिक हाउसबोट की सवारी करें, वेम्बनाड झील में सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा देखें और कुमारकोम बर्ड सेंचुरी घूमने जाएं.
घूमने का सही समय: सितंबर से मार्च.
पानी से जुड़ी है इन जगहों की जिंदगी
लोकटक से लेकर कुमारकोम तक, इन सभी जगहों की अपनी अलग खासियत है. कहीं झील के ऊपर तैरते घर देखने को मिलते हैं तो कहीं नाव की सवारी और स्थानीय जीवन पर्यटकों को आकर्षित करता है. अगर आप किसी जगह को सिर्फ घूमने के बजाय वहां की स्थानीय जिंदगी और संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं, तो ये जगहें आपके लिए खास अनुभव हो सकती हैं. यात्रा से पहले मौसम, स्थानीय नियम और जहां जरूरी हो वहां परमिट की जानकारी जरूर जांच लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क